A1 · शुरुआती
ओमान में विदेशी निवेश और नए उद्योग
ओमान दुनिया भर की नई कंपनियों को कारखाने लगाने और व्यापार शुरू करने के लिए बुलाता है। यहाँ स्पष्ट नियम, विशेष आर्थिक क्षेत्र और स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाएँ मौजूद हैं।
विदेशी कंपनियों के लिए सरल नियम
ओमान दुनिया भर की नई कंपनियों का अपने देश में स्वागत करता है। यहाँ विदेशी निवेशक अपनी कंपनी के शत-प्रतिशत मालिक बन सकते हैं। स्थानीय साझेदार के बिना भी वे अपना पूरा काम चला सकते हैं। यह सीधा नियम नए व्यापार को शुरू करना बहुत आसान बनाता है।
राजधानी मस्कट में सरकार ने इन्वेस्ट ओमान लाउंज खोला है। इस बड़े केंद्र में कई सरकारी विभागों के कर्मचारी एक साथ बैठते हैं। नए व्यापारी एक ही जगह पर अपने व्यापार का पंजीकरण करा सकते हैं। डिजिटल व्यवस्था के कारण व्यापार की अनुमति बहुत जल्दी मिल जाती है। ओमान का कानून व्यापारियों को अपना कमाया हुआ लाभ अपने देश भेजने की पूरी आज़ादी देता है। बड़ा पूँजी निवेश करने वाले विदेशी लोगों को पाँच या दस साल का निवास परमिट मिलता है। दो देशों के बीच हुए समझौते विदेशी पूँजी की सुरक्षा करते हैं।
विशेष आर्थिक क्षेत्र और बंदरगाह
ओमान में विशेष आर्थिक क्षेत्रों की देखभाल के लिए एक मुख्य प्राधिकरण बनाया गया है। दुक़म का विशेष आर्थिक क्षेत्र दो हज़ार वर्ग किलोमीटर में फैला है। यहाँ बड़ा बंदरगाह, जहाज़ मरम्मत की गोदी और तेल शोधन कारखाना मौजूद है। सोहार का बंदरगाह और मुक्त क्षेत्र धातु उद्योग और भोजन के व्यापार का केंद्र है।
सलालाह का क्षेत्र हिंद महासागर के व्यापारिक मार्ग पर स्थित है। यहाँ दवाइयाँ बनाने और जहाजों से सामान उतारने का काम तेज़ी से होता है। इन विशेष क्षेत्रों में काम करने वाली कंपनियों को कई वर्षों तक कर नहीं देना पड़ता है। विदेशों से मशीन और कच्चा माल लाने पर कोई सीमा शुल्क नहीं लगता है। यहाँ की चौड़ी सड़कें सोहार और दुक़म को सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात से जोड़ती हैं।
कारखाने और स्थानीय उद्योग
ओमान अपनी आमदनी के लिए केवल तेल पर निर्भर नहीं रहना चाहता है। इसलिए सरकार नए कारखाने और उत्पादन इकाइयाँ लगाने पर अधिक ध्यान दे रही है। सोहार के औद्योगिक क्षेत्र में एल्युमिनियम और लोहे की बड़ी धातु इकाइयाँ काम करती हैं। दुक़म और सोहार में प्लास्टिक और रासायनिक सामान बनाने वाले आधुनिक कारखाने काम कर रहे हैं।
खज़ैन और सलालाह के शहरों में अनाज, दूध और समुद्री भोजन को पैक करने की बड़ी इकाइयाँ हैं। यह व्यवस्था देश के लोगों के लिए सुरक्षित भोजन सुनिश्चित करती है। बड़ी कंपनियों के लिए स्थानीय ओमानी व्यापारियों से सामान खरीदना ज़रूरी होता है। इस नियम को इन-कंट्री वैल्यू कहा जाता है, जिससे स्थानीय बाज़ार को लाभ होता है। मदायिन संस्था पूरे देश में औद्योगिक शहर बनाती है जहाँ बिजली, पानी और ज़मीन मिलती है।
धरती के खनिज और पर्यावरण
ओमान की ज़मीन के नीचे बहुमूल्य पत्थर और उपयोगी खनिज मौजूद हैं। यहाँ जिप्सम, चूना पत्थर और तांबे के बड़े प्राकृतिक भंडार मिलते हैं। ओमान समुद्री जहाजों से दूसरे देशों को जिप्सम बेचने वाला दुनिया का प्रमुख देश है। सरकार कच्चा पत्थर सीधे बाहर भेजने के बजाय देश के अंदर ही उसे तैयार करने पर बल देती है।
पत्थरों को कारखानों में काटकर उपयोगी सामग्री बनाने से अधिक पैसा मिलता है। उत्तरी ओमान में तांबे की पुरानी खदानों को फिर से शुरू किया जा रहा है। कारखानों से निकले पुराने मलबे और लोहे को सीमेंट बनाने में फिर से काम में लाया जाता है। पर्यावरण प्राधिकरण खदान शुरू करने से पहले कड़े नियमों की जाँच करता है। काम पूरा होने के बाद कंपनियों को ज़मीन को फिर से साफ़ और सुंदर बनाना पड़ता है।
धूप, हवा और स्वच्छ ऊर्जा
ओमान ने वर्ष 2030 तक हर साल दस लाख टन हरित हाइड्रोजन बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए देश में हवा और धूप से बिजली बनाने की बड़ी परियोजनाएँ शुरू की गई हैं। अल वुस्ता और ज़ोफ़ार के रेगिस्तान में पूरे साल तेज़ धूप और हवा चलती है। हाइड्रोम संस्था विदेशी कंपनियों को स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाएँ लगाने के लिए सरकारी ज़मीन देती है।
ओमान निवेश प्राधिकरण ने दो अरब ओमानी रियाल से फ्यूचर फंड ओमान बनाया है। यह राष्ट्रीय कोष नई निजी परियोजनाओं में पैसा लगाकर उनकी मदद करता है। ओमान ने वर्ष 2050 तक शून्य कार्बन उत्सर्जन प्राप्त करने का राष्ट्रीय संकल्प लिया है। दुक़म और सलालाह के बंदरगाहों में हरित अमोनिया को जहाजों में भरने के लिए विशेष पाइपलाइन बनाई जा रही हैं। यह स्वच्छ ईंधन दुनिया के बाज़ारों में भेजा जाएगा।
आर्थिक विकास और नया भविष्य
ओमान विज़न 2040 का मुख्य उद्देश्य अर्थव्यवस्था में विदेशी निवेश और निजी कंपनियों की भागीदारी बढ़ाना है। देश ने अपने कुल राष्ट्रीय उत्पादन में विदेशी निवेश को दस प्रतिशत से ऊपर ले जाने का लक्ष्य रखा है। सरकारी कर्ज कम होने से दुनिया की बड़ी वित्तीय संस्थाओं ने ओमान की साख बढ़ा दी है।
मस्कट शेयर बाज़ार में नई कंपनियाँ जुड़ने से पूँजी का विस्तार हो रहा है। पड़ोसी खाड़ी देशों के साथ मिलकर ओमान व्यापारिक विकास को गति दे रहा है। नए उद्योगों के सफल संचालन के लिए स्थानीय युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कुशल कामगार और आधुनिक कारखाने देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे रहे हैं। सही निवेश ओमान को भविष्य के एक आधुनिक और समृद्ध देश के रूप में बदल रहा है।
A2 · बिगिनर
ओमान में प्रत्यक्ष निवेश और आर्थिक गलियारे
ओमान अंतरराष्ट्रीय पूँजी को आकर्षित करने के लिए निवेश कानूनों में सुधार कर रहा है। विशेष आर्थिक क्षेत्र, खनिज मूल्यवर्धन और स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाएँ देश के आर्थिक विकास को नई मजबूती देती हैं।
विदेशी पूँजी और कानूनी अधिकार
ओमान में विदेशी पूँजी निवेश कानून के तहत अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को पूर्ण स्वामित्व का अधिकार प्राप्त है। शाही फरमान 50/2019 के माध्यम से विदेशी निवेशक किसी स्थानीय साझेदार के बिना भी शत-प्रतिशत पूँजी के मालिक बन सकते हैं। यह कानूनी सुधार वैश्विक कंपनियों को स्वतंत्र रूप से नई परियोजनाएं स्थापित करने का भरोसा देता है। मस्कट में स्थित इन्वेस्ट ओमान लाउंज निवेशकों के लिए एक एकीकृत सेवा केंद्र के रूप में कार्य करता है।
इस सेवा केंद्र में विभिन्न मंत्रालयों के अधिकारी एक ही छत के नीचे बैठकर व्यापारिक लाइसेंस और मंज़ूरी जारी करते हैं। स्वचालित डिजिटल प्रणालियों के माध्यम से नए वाणिज्यिक पंजीकरण की प्रक्रिया तय समय सीमा में पूरी हो जाती है। ओमानी कानून के अनुसार कंपनियाँ अपना अर्जित लाभ और पूँजी बिना किसी रोक-टोक के विदेश भेज सकती हैं। निर्धारित सीमा से अधिक पूँजी लगाने वाले निवेशकों को पाँच और दस वर्ष का दीर्घकालिक निवास परमिट दिया जाता है। इसके अलावा द्विपक्षीय निवेश संधियाँ विदेशी निवेशकों की परिसंपत्तियों को कानूनी सुरक्षा प्रदान करती हैं।
विशेष आर्थिक और मुक्त व्यापार क्षेत्र
विशेष आर्थिक क्षेत्र और मुक्त क्षेत्र लोक प्राधिकरण देश के सभी प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों का नियमन करता है। दुक़म का विशेष आर्थिक क्षेत्र दो हज़ार वर्ग किलोमीटर से अधिक भूमि पर विकसित किया गया है। इस विशाल क्षेत्र में एक गहरा बंदरगाह, शुष्क गोदी, तेल शोधन कारखाना और भारी उद्योग स्थित हैं। उत्तर में स्थित सोहार बंदरगाह और मुक्त क्षेत्र फेरोक्रोम, एल्युमिनियम और इस्पात निर्माण का प्रमुख केंद्र बन चुका है।
दक्षिण में सलालाह मुक्त क्षेत्र हिंद महासागर के मुख्य समुद्री मार्गों से सीधा जुड़ाव रखता है। यह क्षेत्र दवा निर्माण, पेट्रोकेमिकल और माल चढ़ाने-उतारने की सेवाओं के लिए प्रसिद्ध है। इन सभी विशेष क्षेत्रों में पंजीकृत उद्यमों को निगमीय कर से लंबी छूट मिलती है और आयात-निर्यात पर शून्य सीमा शुल्क लागू होता है। इसके साथ ही कार्यबल के स्थानीयकरण नियमों में भी लचीलापन दिया गया है। सोहार, दुक़म और सलालाह के बंदरगाह आधुनिक राजमार्गों से सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात से जुड़े हैं।
गैर-तेल विनिर्माण और औद्योगिक क्लस्टर
ओमान की राष्ट्रीय औद्योगिक नीति कच्चे हाइड्रोकार्बन से होने वाले राजस्व पर निर्भरता घटाने पर केंद्रित है। सरकार गैर-तेल विनिर्माण क्षेत्र का विस्तार करके निर्यात की गुणवत्ता और विविधता को बढ़ा रही है। सोहार का एकीकृत धातु क्लस्टर कच्चे एल्युमिनियम और आयातित लौह अयस्क को तैयार औद्योगिक उत्पादों में बदलता है। इसी प्रकार दुक़म और सोहार के आधुनिक पेट्रोकेमिकल संयंत्र मूल पॉलिमर और रासायनिक उत्पादों का निर्माण करते हैं।
ये रासायनिक उत्पाद घरेलू और क्षेत्रीय स्तर पर प्लास्टिक निर्माण उद्योग को कच्चा माल उपलब्ध कराते हैं। खाद्य सुरक्षा को मज़बूत करने के लिए खज़ैन इकोनॉमिक सिटी और सलालाह में अनाज, डेयरी और समुद्री भोजन प्रसंस्करण इकाइयाँ स्थापित की गई हैं। बड़े विकास अनुबंधों में मुख्य कंपनियों के लिए इन-कंट्री वैल्यू नियमों का पालन करना अनिवार्य है। इसके तहत उन्हें स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं से सामान खरीदना होता है। मदायिन संस्था देश भर में औद्योगिक शहर विकसित करके बिजली, पानी और पट्टे पर ज़मीन उपलब्ध कराती है।
खनिज संपदा और डाउनस्ट्रीम प्रसंस्करण
ओमान की धरती में उच्च गुणवत्ता वाले जिप्सम, चूना पत्थर, डोलोमाइट, सिलिका रेत और तांबे के विशाल भंडार मौजूद हैं। समुद्री मार्ग से दुनिया भर में जिप्सम का निर्यात करने में ओमान शीर्ष देशों में गिना जाता है। यह खनिज वैश्विक निर्माण और सीमेंट उद्योगों को हर साल लाखों टन की मात्रा में भेजा जाता है। राष्ट्रीय खनिज नीति अब कच्चे पत्थरों के सीधे निर्यात के बजाय देश में ही उनके मूल्यवर्धन को अनिवार्य बनाती है।
खनिजों को देश में परिष्कृत करने से स्थानीय स्तर पर अधिक आर्थिक लाभ और नए रोज़गार के अवसर बनते हैं। उत्तरी ओमान में तांबे के ऐतिहासिक भंडारों को आधुनिक तकनीकों और खुली खदानों के ज़रिये फिर से सक्रिय किया जा रहा है। चक्रीय अर्थव्यवस्था के नियमों के तहत औद्योगिक मलबे और धातु अवशेषों का उपयोग टिकाऊ सीमेंट उत्पादन में किया जाता है। पर्यावरण प्राधिकरण से पूर्व अनुमति और खदान स्थल को सुधारने की शपथ लेना हर खनन कंपनी के लिए आवश्यक है।
हरित हाइड्रोजन और नवीकरणीय ऊर्जा
ओमान ने वर्ष 2030 तक हर साल कम से कम दस लाख टन हरित हाइड्रोजन उत्पादन करने की राष्ट्रीय रणनीति बनाई है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सौर और पवन ऊर्जा के बड़े संयंत्र लगाए जा रहे हैं। हाइड्रोम नामक राष्ट्रीय संस्था अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा समूहों को पारदर्शी नीलामियों के माध्यम से ज़मीन आवंटित करती है। अल वुस्ता और ज़ोफ़ार प्रांतों में तेज़ धूप और निरंतर चलने वाली हवाएं नवीकरणीय ऊर्जा के लिए आदर्श वातावरण प्रदान करती हैं।
ओमान निवेश प्राधिकरण ने दो अरब ओमानी रियाल की पूँजी से फ्यूचर फंड ओमान का गठन किया है। यह कोष रणनीतिक निजी परियोजनाओं में सह-निवेश करके आर्थिक विकास को गति देता है। सल्तनत ने स्वच्छ ऊर्जा और औद्योगिक दक्षता के माध्यम से वर्ष 2050 तक शुद्ध-शून्य कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य तय किया है। दुक़म और सलालाह के बंदरगाह हरित अमोनिया के निर्यात के लिए विशेष गलियारे, पाइपलाइन और भंडारण टैंक तैयार कर रहे हैं।
आर्थिक सुधार और निवेश का प्रभाव
ओमान विज़न 2040 का लक्ष्य राष्ट्रीय आर्थिक उत्पादन में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का हिस्सा दस प्रतिशत से अधिक करना है। निजी क्षेत्र की बढ़ती भूमिका से अर्थव्यवस्था का आधार निरंतर विस्तृत हो रहा है। सतर्क वित्तीय नीतियों और सरकारी ऋण में कमी के कारण अंतरराष्ट्रीय साख एजेंसियों ने ओमान की रेटिंग में सुधार किया है। मस्कट स्टॉक एक्सचेंज नई कंपनियों के सार्वजनिक सूचिकरण और सरकारी उपक्रमों के विनिवेश से पूँजी बाज़ार को गहरा कर रहा है।
विदेशी पूँजी को आकर्षित करने के लिए ओमान को पड़ोसी खाड़ी देशों के कर सुधारों और विनियामक लाभों के साथ प्रतिस्पर्धा करनी पड़ती है। बड़े औद्योगिक संयंत्रों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए स्थानीय कार्यबल को तकनीकी और प्रबंधकीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कुशल श्रमशक्ति और आधुनिक बुनियादी ढाँचा निवेश के सफल अवशोषण की प्राथमिक शर्त हैं। रणनीतिक निवेश ओमान को ज्ञान आधारित और विविधतापूर्ण अर्थव्यवस्था में बदलने का मुख्य आधार बन गया है।
B1 · मध्यम
ओमान में औद्योगिक निवेश और स्वच्छ ऊर्जा की नई दिशा
सल्तनत विदेशी पूँजी को आकर्षित करने, विशेष आर्थिक क्षेत्रों का विस्तार करने और ऊर्जा संक्रमण को गति देने के लिए व्यापक नीतिगत सुधार कर रही है। विनियामक पारदर्शिता और रणनीतिक बुनियादी ढाँचा देश की आर्थिक दिशा को नया रूप दे रहे हैं।
विदेशी पूँजी निवेश और विनियामक ढाँचा
शाही फरमान 50/2019 के अंतर्गत लागू विदेशी पूँजी निवेश कानून ने ओमान के वाणिज्यिक परिदृश्य में व्यापक बदलाव किया है। इस कानून के तहत विदेशी निवेशकों को बिना किसी स्थानीय साझेदार के अधिकांश क्षेत्रों में शत-प्रतिशत स्वामित्व स्थापित करने की वैधानिक छूट दी गई है। मस्कट में संचालित इन्वेस्ट ओमान लाउंज एक एकीकृत प्रशासनिक मंच के रूप में कार्य करता है, जहाँ विभिन्न मंत्रालयों के प्रतिनिधि एक ही स्थान पर लाइसेंसिंग प्रक्रियाओं का समन्वय करते हैं।
स्वचालित वाणिज्यिक पंजीकरण प्रणाली के माध्यम से विदेशी निवेश परियोजनाओं को निश्चित समय सीमा के भीतर आधिकारिक परिचालन अनुमतियाँ मिल जाती हैं। कानून शुद्ध लाभ, परिचालन लाभांश और निवेशित पूँजी को बिना किसी विनिमय प्रतिबंध के स्वदेश वापस भेजने की पूर्ण गारंटी देता है। निर्धारित पूँजी सीमा को पूरा करने वाले पात्र निवेशकों के लिए पाँच और दस वर्ष के नवीकरणीय निवास परमिट की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त ओमान की द्विपक्षीय निवेश संधियाँ और मुक्त व्यापार समझौते विदेशी पूँजी को कानूनी सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय विवाद मध्यस्थता का अधिकार देते हैं।
विशेष आर्थिक क्षेत्र और रणनीतिक समुद्री बंदरगाह
विशेष आर्थिक क्षेत्र और मुक्त क्षेत्र लोक प्राधिकरण देश के सभी आर्थिक क्षेत्रों, मुक्त क्षेत्रों और औद्योगिक नगरों का एकीकृत पर्यवेक्षण करता है। अल वुस्ता प्रांत में स्थित दुक़म विशेष आर्थिक क्षेत्र दो हज़ार वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्रफल में फैला एक बहुउद्देश्यीय औद्योगिक केंद्र है, जिसमें गहरा बंदरगाह, सूखी गोदी, तेल रिफाइनरी और भारी उद्योग परिसर शामिल हैं। ओमान की खाड़ी के तट पर सोहार बंदरगाह और मुक्त क्षेत्र फेरोक्रोम प्रगलन, एल्युमिनियम उत्पादन, इस्पात निर्माण और खाद्य आपूर्ति के एक प्रमुख केंद्र के रूप में कार्य करता है।
अरब सागर और हिंद महासागर के व्यापारिक मार्ग पर स्थित सलालाह मुक्त क्षेत्र फार्मास्युटिकल विनिर्माण, पेट्रोकेमिकल और वैश्विक माल अंतरण का महत्वपूर्ण केंद्र है। इन क्षेत्रों में स्थापित वाणिज्यिक उद्यमों को तीस वर्ष तक नवीकरणीय निगमीय कर अवकाश, आयात-निर्यात पर शून्य सीमा शुल्क और लचीले स्थानीय कार्यबल कोटा का लाभ मिलता है। सोहार, दुक़म और सलालाह के गहरे बंदरगाह सीधे राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़े हैं, जो सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात तक निर्बाध सड़क संपर्क प्रदान करते हैं।
गैर-तेल औद्योगिक विकास और आपूर्ति श्रृंखला
ओमान की राष्ट्रीय विनिर्माण रणनीति कच्चे तेल और गैस से प्राप्त होने वाले राजस्व पर देश की ऐतिहासिक निर्भरता को कम करने पर केंद्रित है। औद्योगिक विस्तार की यह नीति जटिल विनिर्मित वस्तुओं के उत्पादन और निर्यात को प्राथमिकता देती है। सोहार का धातु संकुल कच्चे एल्युमिनियम और आयातित लौह अयस्क को उच्च मूल्य वाले औद्योगिक उत्पादों में परिवर्तित करता है। इसी तरह दुक़म और सोहार के पेट्रोकेमिकल संयंत्र मूल पॉलिमर और रासायनिक यौगिकों का उत्पादन करते हैं, जिनसे घरेलू प्लास्टिक कारखानों को कच्चा माल मिलता है।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से खज़ैन इकोनॉमिक सिटी और सलालाह में खाद्यान्न, दुग्ध उत्पाद और मत्स्य प्रसंस्करण की समर्पित इकाइयाँ स्थापित की गई हैं। औद्योगिक विकास के बड़े अनुबंधों में इन-कंट्री वैल्यू प्रावधानों का पालन करना अनिवार्य है, जिसके तहत मुख्य ठेकेदारों को अपनी खरीद का एक निश्चित हिस्सा स्थानीय ओमानी आपूर्तिकर्ताओं से लेना होता है। मदायिन संस्था देश भर में क्षेत्रीय औद्योगिक नगरों का प्रबंधन करती है, जहाँ कंपनियों को विकसित भूमि, बिजली और जल आपूर्ति उपलब्ध कराई जाती है।
खनिज संसाधन और संधारणीय प्रसंस्करण
ओमान का भूवैज्ञानिक स्वरूप औद्योगिक खनिजों के प्रचुर वाणिज्यिक भंडारों से संपन्न है, जिसमें उच्च शुद्धता वाला जिप्सम, चूना पत्थर, डोलोमाइट, सिलिका रेत और तांबा अयस्क शामिल हैं। सल्तनत विश्व स्तर पर समुद्री मार्ग से जिप्सम का निर्यात करने वाले अग्रणी देशों में शामिल है, जो वैश्विक निर्माण और सीमेंट बाज़ारों को हर साल लाखों टन सामग्री की आपूर्ति करता है। राष्ट्रीय खनिज नीति कच्चे पत्थरों के सीधे निर्यात के स्थान पर घरेलू प्रसंस्करण और संवर्धन को प्राथमिकता देती है, ताकि देश में ही अधिकतम आर्थिक मूल्य प्राप्त किया जा सके।
उत्तरी ओमान में तांबे के प्राचीन भंडारों को आधुनिक भूवैज्ञानिक अन्वेषण और संकेंद्रित प्रसंस्करण के माध्यम से पुनर्जीवित किया जा रहा है। चक्रीय अर्थव्यवस्था के नियमों के अंतर्गत धातु अवशेषों, निर्माण मलबे और औद्योगिक स्लैग का पुनर्चक्रण करके संधारणीय सीमेंट तैयार किया जाता है। खनन और उत्खनन की अनुमति देने से पहले पर्यावरण प्राधिकरण से विस्तृत प्रभाव आकलन मंज़ूरी प्राप्त करना अनिवार्य है, जिसमें खनन स्थल के पुनर्वास और पर्यावरण सुरक्षा की कानूनी प्रतिबद्धता शामिल होती है।
हरित हाइड्रोजन और संप्रभु सह-निवेश
ओमान ने वर्ष 2030 तक प्रति वर्ष कम से कम दस लाख टन हरित हाइड्रोजन का उत्पादन करने का महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय संकल्प लिया है। इस योजना को साकार करने के लिए बड़े पैमाने पर सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा पार्कों की स्थापना की जा रही है। हाइड्रोजन ओमान संस्था पारदर्शी अंतरराष्ट्रीय नीलामियों का संचालन करती है, जिनके माध्यम से वैश्विक ऊर्जा कंसोर्टियम को सार्वजनिक भूमि के भूखंड आवंटित किए जाते हैं। अल वुस्ता और ज़ोफ़ार के रेगिस्तानी क्षेत्रों में वर्ष भर अत्यधिक सौर विकिरण और तीव्र मौसमी हवाएं उपलब्ध रहती हैं।
ओमान निवेश प्राधिकरण द्वारा दो अरब ओमानी रियाल की पूँजी से स्थापित फ्यूचर फंड ओमान निजी क्षेत्र की रणनीतिक परियोजनाओं में उत्प्रेरक सह-निवेश करता है। सल्तनत ने वर्ष 2050 तक शुद्ध शून्य कार्बन उत्सर्जन प्राप्त करने की औपचारिक राष्ट्रीय प्रतिबद्धता स्वीकार की है। दुक़म और सलालाह के गहरे बंदरगाहों पर हरित अमोनिया के अंतरराष्ट्रीय निर्यात के लिए समर्पित पाइपलाइन, भंडारण डिपो और समुद्री टर्मिनल का निर्माण किया जा रहा है।
राजकोषीय सुदृढ़ीकरण और पूँजी बाज़ार का विस्तार
ओमान विज़न 2040 का प्रमुख आर्थिक उद्देश्य निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाना और सकल घरेलू उत्पाद में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के अनुपात को दस प्रतिशत से ऊपर ले जाना है। संतुलित राजकोषीय प्रबंधन और सार्वजनिक ऋण में लगातार कमी के परिणामस्वरूप अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसियों ने ओमान की संप्रभु साख रेटिंग में उल्लेखनीय सुधार किया है। मस्कट स्टॉक एक्सचेंज नए सार्वजनिक निर्गमों, सरकारी कंपनियों के आंशिक निजीकरण और विदेशी निवेशकों की सीधी पहुँच के ज़रिये पूँजी बाज़ार की तरलता को बढ़ा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय पूँजी को आकर्षित करने की प्रक्रिया में ओमान को पड़ोसी खाड़ी देशों की प्रतिस्पर्धी कर दरों, कस्टम छूटों और आकर्षक प्रोत्साहनों का सामना करना पड़ता है। उन्नत औद्योगिक परियोजनाओं को सुचारु रूप से चलाने के लिए देश में कुशल तकनीकी कार्यबल और प्रबंधन विशेषज्ञों का विकास अनिवार्य है। लक्षित कौशल उन्नयन और आधुनिक विनिर्माण ढाँचा विदेशी पूँजी के प्रभाव को टिकाऊ बनाते हैं। इस प्रकार रणनीतिक निवेश ओमान के आर्थिक विविधीकरण और संरचनात्मक परिवर्तन का आधारस्तंभ बना हुआ है।
B2 · अपर इंटरमीडिएट
ओमान में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश और विनियामक आधुनिकीकरण
ओमान अपनी राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के संरचनात्मक कायाकल्प के लिए वैश्विक पूँजी और उन्नत तकनीक को आकर्षित कर रहा है। विशेष आर्थिक क्षेत्रों का रणनीतिक विकास, खनिज प्रसंस्करण और हरित ऊर्जा परिवर्तन देश के औद्योगिक परिदृश्य को पुनर्परिभाषित कर रहे हैं।
प्रत्यक्ष विदेशी निवेश और विधिक सुधार
सल्तनत में शाही फरमान 50/2019 के अंतर्गत प्रख्यापित विदेशी पूँजी निवेश कानून ने राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को वैश्विक पूँजी के लिए पूरी तरह खोल दिया है। इस संविधिक सुधार ने स्थानीय वाणिज्यिक साझीदार की पूर्व अनिवार्यता को समाप्त कर विदेशी उद्यमों को शत-प्रतिशत स्वामित्व रखने का अधिकार प्रदान किया है। इस विधिक संरचना को व्यावहारिक गति देने के लिए मस्कट में इन्वेस्ट ओमान लाउंज की स्थापना की गई है, जहाँ प्रमुख मंत्रालयों के उच्चाधिकारी एक ही मंच से लाइसेंसिंग, पर्यावरण मंज़ूरी और व्यावसायिक अनुमतियों का त्वरित निपटारा करते हैं।
डिजिटल पंजीकरण प्रणालियों ने विदेशी परियोजनाओं के प्रशासनिक अनुमोदन की समय सीमा को अभूतपूर्व रूप से संक्षिप्त कर दिया है। विधिक ढाँचा परिचालन लाभ, शुद्ध लाभांश और आरंभिक पूँजी के निर्बाध सीमा-पार प्रत्यावर्तन की वैधानिक गारंटी सुनिश्चित करता है। निर्धारित पूँजी निवेश मानकों को पूरा करने वाले पात्र विदेशी निवेशकों को पाँच और दस वर्ष के नवीकरणीय दीर्घकालिक निवास कार्ड दिए जाते हैं। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय द्विपक्षीय निवेश संधियाँ और क्षेत्रीय व्यापार समझौते विदेशी परिसंपत्तियों को राष्ट्रीयकरण से सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता का अधिकार प्रदान करते हैं।
एकीकृत आर्थिक क्षेत्र और बहु-माध्यमिक रसद
विशेष आर्थिक क्षेत्र और मुक्त क्षेत्र लोक प्राधिकरण देश भर के विशेष आर्थिक क्षेत्रों, मुक्त व्यापार क्षेत्रों और औद्योगिक नगरों के विनियामक प्रशासन का संचालन करता है। अल वुस्ता प्रांत में दुक़म विशेष आर्थिक क्षेत्र दो हज़ार वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में विस्तृत है, जो गहरे पानी के बंदरगाह, शुष्क गोदी, तेल रिफाइनरी और विशाल पेट्रोकेमिकल संकुल को समाहित करता है। उत्तर में स्थित सोहार पोर्ट और मुक्त क्षेत्र औद्योगिक विनिर्माण का एक सशक्त केंद्र है, जहाँ फेरोक्रोम शोधन, एल्युमिनियम प्रगलन, इस्पात निर्माण और वैश्विक खाद्य रसद की विशाल इकाइयाँ कार्यरत हैं।
सलालाह मुक्त क्षेत्र हिंद महासागर के व्यस्ततम अंतरराष्ट्रीय नौवहन मार्गों पर रणनीतिक रूप से स्थित है, जो फार्मास्युटिकल विनिर्माण, विशेष पेट्रोकेमिकल और समुद्री माल अंतरण के लिए जाना जाता है। इन क्षेत्रों में कार्यरत कंपनियों को तीस वर्ष तक नवीकरणीय निगमीय कर छूट, आयात और निर्यात पर शून्य सीमा शुल्क तथा स्थानीयकरण कोटा में विनियामक रियायतें मिलती हैं। सोहार, दुक़म और सलालाह के गहरे बंदरगाह आधुनिक सड़क गलियारों से जुड़े हैं, जो सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात तक भारी माल ढुलाई की सीधी सुविधा प्रदान करते हैं।
गैर-तेल विनिर्माण और मूल्य संवर्धन
ओमान की राष्ट्रीय औद्योगिक कार्ययोजना का प्राथमिक लक्ष्य गैर-तेल विनिर्माण का विस्तार करके हाइड्रोकार्बन निर्यात पर देश की ऐतिहासिक निर्भरता को कम करना है। यह नीतिगत बदलाव स्थानीय विनिर्माण की तकनीकी जटिलता और निर्यात क्षमता को बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। सोहार में विकसित एकीकृत धातु संकुल आयातित लौह अयस्क और स्थानीय कच्चे एल्युमिनियम को उच्च गुणवत्ता वाले औद्योगिक घटकों में परिवर्तित करता है। दुक़म और सोहार में स्थापित पेट्रोकेमिकल संयंत्र आधारभूत पॉलिमर और विशेष रसायनों का उत्पादन करते हैं, जो घरेलू और क्षेत्रीय प्लास्टिक उद्योग को आपूर्ति किए जाते हैं।
खाद्य सुरक्षा की संप्रभु आवश्यकता को देखते हुए खज़ैन इकोनॉमिक सिटी और सलालाह में आधुनिक खाद्य प्रसंस्करण, अनाज भंडारण और समुद्री उत्पाद पैकेजिंग के समर्पित केंद्र स्थापित किए गए हैं। बड़े पैमाने की औद्योगिक परियोजनाओं में इन-कंट्री वैल्यू की वैधानिक बाध्यता लागू की गई है, जिससे मुख्य ठेकेदारों को स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं और ओमानी उप-ठेकेदारों को अनुबंध देना अनिवार्य होता है। मदायिन संस्था देश के विभिन्न प्रांतों में औद्योगिक नगरों का विकास और संचालन करती है, जहाँ निवेशकों को आवश्यक जनोपयोगी सुविधाएँ और रियायती दरों पर भूमि उपलब्ध कराई जाती है।
भूवैज्ञानिक संपदा और चक्रीय संधारणीयता
ओमान की समृद्ध भूवैज्ञानिक संरचना में उच्च शुद्धता वाला जिप्सम, चूना पत्थर, डोलोमाइट, सिलिका बालू और तांबा अयस्क प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं। सल्तनत समुद्री मार्ग से जिप्सम निर्यात करने के मामले में वैश्विक स्तर पर अग्रणी स्थान रखती है, जहाँ से हर साल लाखों टन सामग्री वैश्विक निर्माण और सीमेंट उद्योगों को भेजी जाती है। राष्ट्रीय खनिज नीति कच्चे पत्थरों के अनियंत्रित निर्यात को हतोत्साहित करती है और घरेलू स्तर पर प्रसंस्करण तथा मूल्य संवर्धन को अनिवार्य बनाती है, ताकि राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में खनिज क्षेत्र का योगदान बढ़ सके।
उत्तरी ओमान में तांबे के ऐतिहासिक खनन क्षेत्रों को आधुनिक भूवैज्ञानिक सर्वेक्षणों और उन्नत उत्खनन तकनीकों के ज़रिये पुनः सक्रिय किया जा रहा है। चक्रीय अर्थव्यवस्था के सिद्धांतों को अपनाते हुए निर्माण मलबे, औद्योगिक धातु अवशेषों और स्लैग का उपयोग पर्यावरण-अनुकूल सीमेंट उत्पादन में किया जाता है। किसी भी नए खनन पट्टे के लिए पर्यावरण प्राधिकरण से व्यापक प्रभाव आकलन मंज़ूरी लेना अनिवार्य है, जिसमें खनन समाप्त होने के बाद भूमि का पर्यावरण पुनर्वास सुनिश्चित करने की वैधानिक शर्त शामिल होती है।
हरित ऊर्जा संक्रमण और संप्रभु वित्तपोषण
ओमान ने वर्ष 2030 तक सालाना कम से कम दस लाख टन हरित हाइड्रोजन का उत्पादन करने का रणनीतिक राष्ट्रीय लक्ष्य निर्धारित किया है। इस हरित ऊर्जा संक्रमण को गति देने के लिए देश के विशाल रेगिस्तानी क्षेत्रों में बड़े सौर और पवन ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं। हाइड्रोजन ओमान संस्था वैश्विक ऊर्जा संघों को पारदर्शी अंतरराष्ट्रीय नीलामियों के माध्यम से उपयुक्त भूमि खंड आवंटित करने का केंद्रीय दायित्व निभाती है। अल वुस्ता और ज़ोफ़ार के विस्तृत भूभाग अपनी असाधारण सौर तीव्रता और निरंतर पवन प्रवाह के कारण नवीकरणीय ऊर्जा के प्रमुख केंद्र बन गए हैं।
ओमान निवेश प्राधिकरण द्वारा दो अरब ओमानी रियाल की प्रारंभिक पूँजी से गठित फ्यूचर फंड ओमान निजी क्षेत्र की उच्च-प्रभाव वाली परियोजनाओं में उत्प्रेरक पूँजी लगाता है। देश ने स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन और औद्योगिक ऊर्जा दक्षता के समन्वय से वर्ष 2050 तक नेट-ज़ीरो कार्बन उत्सर्जन प्राप्त करने का संकल्प लिया है। दुक़म और सलालाह के बंदरगाह अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में हरित अमोनिया के निर्यात के लिए विशेष भंडारण टर्मिनल, सुरक्षित पाइपलाइन और नौवहन बर्थ का निर्माण कर रहे हैं।
राजकोषीय सुदृढ़ता और संरचनात्मक रूपांतरण
ओमान विज़न 2040 का मुख्य उद्देश्य निजी क्षेत्र के निवेश को बढ़ावा देकर प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के अनुपात को सकल घरेलू उत्पाद के दस प्रतिशत से अधिक करना है। कठोर राजकोषीय अनुशासन, सार्वजनिक व्यय नियंत्रण और संप्रभु ऋण में प्रभावी कटौती के कारण प्रमुख वैश्विक रेटिंग एजेंसियों ने ओमान की साख रेटिंग को निरंतर उन्नत किया है। मस्कट स्टॉक एक्सचेंज राज्य के स्वामित्व वाले उद्यमों के विनिवेश, नए निजी सूचिकरण और विदेशी निवेशकों के लिए सुगम व्यापारिक पहुँच के माध्यम से पूँजी बाज़ार की गहराई बढ़ा रहा है।
वैश्विक पूँजी को आकर्षित करने की होड़ में ओमान को खाड़ी सहयोग परिषद के अन्य सदस्य देशों की प्रतिस्पर्धी कर दरों, कस्टम व्यवस्थाओं और विनियामक पैकेजों का सामना करना पड़ता है। उन्नत औद्योगिक और ऊर्जा परियोजनाओं की दीर्घकालिक सफलता स्थानीय युवाओं के निरंतर कौशल विकास और तकनीकी विशेषज्ञता पर निर्भर करती है। योग्य इंजीनियरों और प्रबंधकों की उपलब्धता निवेश को टिकाऊ आर्थिक लाभ में बदलती है। इस प्रकार रणनीतिक पूँजी प्रवाह ओमान की अर्थव्यवस्था को तेल-आधारित मॉडल से ज्ञान-आधारित आधुनिक तंत्र में बदलने का मुख्य माध्यम बना हुआ है।
C1 · उन्नत
ओमान में विदेशी निवेश: विनियामक उदारीकरण, औद्योगिक गलियारे और हरित परिवर्तन
सल्तनत विदेशी पूँजी को आकर्षित करने, विशेष आर्थिक क्षेत्रों के आधुनिकीकरण और गैर-तेल विनिर्माण के विस्तार के लिए संस्थागत सुधारों को तीव्र कर रही है। विनियामक सुरक्षा, संप्रभु सह-निवेश और हरित हाइड्रोजन रियायतें ओमान को एक वैश्विक निवेश केंद्र के रूप में स्थापित कर रही हैं।
विदेशी पूँजी विधान और संस्थागत उदारीकरण
शाही फरमान 50/2019 के अंतर्गत प्रख्यापित विदेशी पूँजी निवेश कानून ने सल्तनत के विनियामक परिदृश्य को वैश्विक मानकों के अनुरूप ढालने में निर्णायक भूमिका निभाई है। इस विधान ने पारंपरिक प्रायोजक प्रणाली को समाप्त करते हुए सामरिक और संवेदनशील क्षेत्रों को छोड़कर अधिकांश वाणिज्यिक गतिविधियों में विदेशी निवेशकों को शत-प्रतिशत स्वामित्व का विधिक अधिकार प्रदान किया। प्रशासनिक बाधाओं को दूर करने के लिए वाणिज्य, उद्योग और निवेश संवर्धन मंत्रालय ने मस्कट में इन्वेस्ट ओमान लाउंज की स्थापना की। यह अत्याधुनिक केंद्र एक एकीकृत प्रशासनिक मंच के रूप में कार्य करता है, जहाँ सभी संबंधित मंत्रालयों के प्रतिनिधि एक ही स्थान पर संयुक्त रूप से अनुमतियाँ और लाइसेंस जारी करते हैं।
डिजिटल प्रणालियों के संयोजन ने वाणिज्यिक पंजीकरण और विनियामक स्वीकृतियों को पूर्व-निर्धारित समय सीमा के भीतर स्वचालित रूप से निष्पादित करना संभव बना दिया है। संविधिक प्रावधान परिचालन लाभ, शुद्ध लाभांश और मूल पूँजी के निर्बाध सीमा-पार प्रत्यावर्तन की संप्रभु गारंटी सुनिश्चित करते हैं। निर्धारित पूँजी सीमा पार करने वाले योग्य निवेशकों को पाँच और दस वर्ष के नवीकरणीय दीर्घकालिक निवास अधिकार दिए जाते हैं। इसके अतिरिक्त ओमान द्वारा हस्ताक्षरित दर्जनों द्विपक्षीय निवेश संधियाँ और अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौते प्रत्यक्ष विदेशी पूँजी को कानूनी सुरक्षा, गैर-भेदभावपूर्ण व्यवहार और अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता का मजबूत संबल प्रदान करते हैं।
विशेष आर्थिक गलियारे और तटीय रसद
विशेष आर्थिक क्षेत्र और मुक्त क्षेत्र लोक प्राधिकरण सल्तनत के विशाल आर्थिक क्षेत्रों, मुक्त व्यापार क्षेत्रों और औद्योगिक नगरों के विनियामक ढांचे का केंद्रीय पर्यवेक्षण करता है। अल वुस्ता प्रांत में अरब सागर के तट पर स्थित दुक़म विशेष आर्थिक क्षेत्र दो हज़ार वर्ग किलोमीटर से अधिक भूमि में विस्तृत एक महत्वाकांक्षी बहु-क्षेत्रीय औद्योगिक केंद्र है। इस विशाल क्षेत्र में अत्याधुनिक गहरे पानी का बंदरगाह, जहाजों के रखरखाव के लिए सूखी गोदी, वाणिज्यिक तेल रिफाइनरी और विशाल पेट्रोकेमिकल संकुल सक्रिय हैं। उत्तर में हरमुज़ जलडमरूमध्य के निकट सोहार बंदरगाह और मुक्त क्षेत्र भारी औद्योगिक विनिर्माण के एक प्रमुख केंद्र के रूप में कार्य करता है, जहाँ फेरोक्रोम प्रगलन, एल्युमिनियम निष्कर्षण, इस्पात निर्माण और विशाल खाद्य रसद डिपो स्थापित हैं।
दक्षिण में हिंद महासागर के मुख्य समुद्री व्यापारिक मार्गों पर स्थित सलालाह मुक्त क्षेत्र फार्मास्युटिकल विनिर्माण, विशेष पेट्रोकेमिकल और ट्रांसशिपमेंट का एक रणनीतिक केंद्र बन चुका है। इन निर्दिष्ट आर्थिक क्षेत्रों में पंजीकृत उद्यमों को तीस वर्ष तक नवीकरणीय निगमीय कर अवकाश, आयात-निर्यात पर पूर्ण सीमा शुल्क मुक्ति और राष्ट्रीय कार्यबल कोटा में विनियामक लचीलापन प्रदान किया जाता है। सोहार, दुक़म और सलालाह के बंदरगाह आधुनिक बहु-माध्यमिक परिवहन गलियारों से जुड़े हैं, जो सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के साथ सीधी थल-परिवहन माल ढुलाई सुनिश्चित करते हैं।
गैर-तेल विनिर्माण और घरेलू मूल्य संवर्धन
ओमान की राष्ट्रीय औद्योगिक रणनीति का मूल उद्देश्य गैर-तेल विनिर्माण का विस्तार करके कच्चे हाइड्रोकार्बन राजस्व पर देश की ऐतिहासिक निर्भरता को चरणबद्ध रूप से समाप्त करना है। इस नीति का उद्देश्य घरेलू विनिर्माण की तकनीकी जटिलता और निर्यात विविधता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है। सोहार में स्थापित एकीकृत धातु संकुल इस दिशा में एक मुख्य कड़ी है, जो आयातित लौह अयस्क और प्राथमिक एल्युमिनियम को उच्च गुणवत्ता वाले तैयार औद्योगिक उत्पादों में बदलता है। इसी प्रकार दुक़म और सोहार के अत्याधुनिक पेट्रोकेमिकल संयंत्र मूल पॉलिमर और रासायनिक यौगिकों का उत्पादन करते हैं, जो घरेलू और क्षेत्रीय स्तर पर प्लास्टिक प्रसंस्करण इकाइयों को आवश्यक कच्चा माल उपलब्ध कराते हैं।
खाद्य सुरक्षा के रणनीतिक लक्ष्य को साधने के लिए खज़ैन इकोनॉमिक सिटी और सलालाह में खाद्यान्न भंडारण, डेयरी उत्पाद और समुद्री भोजन प्रसंस्करण के लिए समर्पित औद्योगिक संकुल विकसित किए गए हैं। प्रमुख राष्ट्रीय औद्योगिक अनुबंधों में इन-कंट्री वैल्यू तंत्र को अनिवार्य बनाया गया है, जिसके अंतर्गत मुख्य संविदाकारों को अपने खरीद बजट का एक निश्चित अनुपात स्थानीय ओमानी व्यवसायों और आपूर्ति श्रृंखलाओं को आवंटित करना पड़ता है। मदायिन संस्था पूरे देश में क्षेत्रीय औद्योगिक नगरों का विकास और बुनियादी ढांचा प्रबंधन करती है, जहाँ कंपनियों को रियायती दरों पर विकसित भूमि, ऊर्जा और औद्योगिक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाती हैं।
खनिज संपदा का मूल्यवर्धन और पर्यावरणीय सुरक्षा
सल्तनत की भूवैज्ञानिक संरचना गैर-ऊर्जा औद्योगिक खनिजों के विशाल और व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य भंडारों से समृद्ध है, जिसमें उच्च शुद्धता वाला जिप्सम, रासायनिक ग्रेड चूना पत्थर, डोलोमाइट, सिलिका बालू और तांबा अयस्क प्रमुख हैं। ओमान समुद्री जहाजों के माध्यम से जिप्सम निर्यात करने वाला विश्व का सबसे बड़ा निर्यातक बन चुका है, जो हर साल वैश्विक निर्माण और सीमेंट उद्योगों को लाखों टन कच्चा माल भेजता है। राष्ट्रीय खनिज नीति अब कच्चे पत्थरों के सीधे निर्यात को सख्ती से हतोत्साहित करती है और स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण तथा डाउनस्ट्रीम मूल्यवर्धन को अनिवार्य बनाती है, जिससे देश के भीतर अधिक आर्थिक मूल्य और तकनीकी रोज़गार पैदा हो सकें।
उत्तरी ओमान में तांबे के ऐतिहासिक खनन क्षेत्रों को आधुनिक भूवैज्ञानिक अन्वेषण, खुली खदानों और स्थानीय संकेंद्रण संयंत्रों के ज़रिये पुनः जागृत किया जा रहा है। चक्रीय अर्थव्यवस्था की दिशा में कदम बढ़ाते हुए औद्योगिक धातु कतरन, निर्माण मलबे और धातुकर्म अवशेषों का पुनर्चक्रण करके संधारणीय सीमेंट का उत्पादन किया जा रहा है। खनन पट्टों के आवंटन से पूर्व पर्यावरण प्राधिकरण से विस्तृत पर्यावरणीय प्रभाव आकलन मंज़ूरी प्राप्त करना कानूनी रूप से अनिवार्य है, जिसमें खनन समाप्ति के बाद खनन स्थल के पूर्ण पुनर्वास की बाध्यकारी प्रतिबद्धता शामिल होती है।
हरित हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था और संप्रभु पूँजी
सल्तनत ने वर्ष 2030 तक प्रति वर्ष कम से कम दस लाख टन हरित हाइड्रोजन का उत्पादन करने का महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय लक्ष्य निर्धारित किया है। इस हरित ऊर्जा रूपांतरण को धरातल पर उतारने के लिए देश के विशाल रेगिस्तानी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा परियोजनाओं का निर्माण किया जा रहा है। हाइड्रोजन ओमान संस्था एक स्वतंत्र केंद्रीय निकाय के रूप में प्रतिस्पर्धी अंतरराष्ट्रीय नीलामियों का आयोजन करती है, जिनके माध्यम से वैश्विक ऊर्जा कंसोर्टियम को सार्वजनिक भूमि के विशाल खंड आवंटित किए जाते हैं। अल वुस्ता और ज़ोफ़ार प्रांतों के रणनीतिक गलियारे पूरे वर्ष प्रचुर सौर विकिरण और तीव्र मौसमी हवाओं का अद्वितीय लाभ प्रदान करते हैं।
ओमान निवेश प्राधिकरण द्वारा दो अरब ओमानी रियाल की पूँजी से स्थापित फ्यूचर फंड ओमान निजी क्षेत्र की महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं में उत्प्रेरक सह-निवेशक की भूमिका निभाता है। सल्तनत ने स्वच्छ ऊर्जा विस्तार और औद्योगिक ऊर्जा दक्षता के माध्यम से वर्ष 2050 तक शुद्ध-शून्य कार्बन उत्सर्जन प्राप्त करने की औपचारिक राष्ट्रीय प्रतिबद्धता जताई है। दुक़म और सलालाह के गहरे बंदरगाह अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में हरित अमोनिया के निर्यात के लिए समर्पित पाइपलाइन नेटवर्क, भंडारण डिपो और विशेष समुद्री बर्थ का निर्माण कर रहे हैं।
राजकोषीय सुदृढ़ता और संरचनात्मक विविधीकरण
ओमान विज़न 2040 का प्राथमिक आर्थिक उद्देश्य निजी क्षेत्र के निवेश का विस्तार करना और सकल घरेलू उत्पाद में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के योगदान को दस प्रतिशत से ऊपर ले जाना है। अनुशासित राजकोषीय प्रबंधन, सार्वजनिक व्यय युक्तिकरण और संप्रभु ऋण में पर्याप्त कटौती के परिणामस्वरूप अंतरराष्ट्रीय साख एजेंसियों ने ओमान की सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग में लगातार सुधार दर्ज किया है। मस्कट स्टॉक एक्सचेंज राज्य के स्वामित्व वाली कंपनियों के रणनीतिक विनिवेश, नए सार्वजनिक सूचिकरण और विदेशी निवेशकों के लिए सरलीकृत विनियामक नियमों के माध्यम से पूँजी बाज़ार को गहरा और तरल बना रहा है।
उच्च-मूल्य वाली अंतरराष्ट्रीय पूँजी को आकर्षित करने की वैश्विक दौड़ में ओमान को पड़ोसी खाड़ी देशों की प्रतिस्पर्धी कर व्यवस्थाओं, कस्टम नीतियों और विनियामक रियायतों का कुशलतापूर्वक सामना करना पड़ता है। पूंजी-गहन औद्योगिक परियोजनाओं की दीर्घकालिक सफलता देश के स्थानीय कार्यबल के निरंतर कौशल संवर्धन और तकनीकी विशेषज्ञता पर निर्भर करती है। आधुनिक विनिर्माण संयंत्रों के संचालन के लिए कुशल इंजीनियरों और प्रबंधकों की सतत आपूर्ति विदेशी पूँजी के लाभ को टिकाऊ बनाती है। इस प्रकार सामरिक विदेशी और घरेलू निवेश ओमान को एक आधुनिक, विविधीकृत और ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था में बदलने का मुख्य आधारस्तंभ बना हुआ है।
C2 · महारत
ओमान में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश: रणनीतिक पूँजी, विनियामक संप्रभुता और औद्योगिक कायाकल्प
सल्तनत की दीर्घकालिक आर्थिक नीति विदेशी पूँजी, बहु-माध्यमिक रसद गलियारों और स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं के समन्वय से एक ज्ञान-आधारित आधुनिक अर्थव्यवस्था के निर्माण पर केंद्रित है। संस्थागत स्वायत्तता, संप्रभु सह-निवेश और चक्रीय औद्योगिक संधारणीयता ओमान के आर्थिक रूपांतरण को वैश्विक स्तर पर दिशा प्रदान कर रहे हैं।
पूँजी संप्रभुता और संस्थागत विनियामक पुनर्गठन
शाही फरमान 50/2019 के अंतर्गत प्रख्यापित विदेशी पूँजी निवेश कानून ने सल्तनत के विनियामक ढांचे में संरचनात्मक आमूलचूल परिवर्तन का सूत्रपात किया है। इस ऐतिहासिक विधान ने स्थानीय प्रायोजक व्यवस्था की पूर्व अनिवार्यता को विधिक रूप से समाप्त कर विदेशी उद्यमों को सामरिक क्षेत्रों से इतर शत-प्रतिशत स्वामित्व स्थापित करने का संविधिक अधिकार प्रदान किया। प्रशासनिक प्रक्रियाओं के केंद्रीकरण और अड़चनों के उन्मूलन हेतु मस्कट में इन्वेस्ट ओमान लाउंज की स्थापना की गई। यह बहु-मंत्रालयी केंद्र एक एकीकृत प्रशासनिक मंच के रूप में कार्य करता है, जहाँ विभिन्न विनियामक प्राधिकारियों के प्रतिनिधि एक ही स्थान पर निवेश संस्वीकृति, वाणिज्यिक अनुमतियाँ और परिचालन लाइसेंस प्रदान करते हैं।
डिजिटल सेवा प्रणालियों के एकीकरण ने वाणिज्यिक पंजीकरण और आवश्यक विधिक मंज़ूरी की अवधि को न्यूनतम कर दिया है। संविधिक व्यवस्था विदेशी निवेशकों को उनके अर्जित शुद्ध लाभ, परिचालन लाभांश और मूल पूँजी के निर्बाध सीमा-पार प्रत्यावर्तन की पूर्ण विधिक गारंटी देती है। निर्धारित पूँजी निवेश सीमा को पूरा करने वाले वैश्विक उद्यमियों को पाँच और दस वर्ष के नवीकरणीय दीर्घकालिक निवास अधिकार दिए जाते हैं। इसके अतिरिक्त दर्जनों द्विपक्षीय निवेश संधियाँ और अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौते विदेशी परिसंपत्तियों को विधिक सुरक्षा और वाणिज्यिक विवादों के समाधान हेतु अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता का अधिकार सुनिश्चित करते हैं।
एकीकृत आर्थिक गलियारे और समुद्री रसद तंत्र
विशेष आर्थिक क्षेत्र और मुक्त क्षेत्र लोक प्राधिकरण देश भर के विशेष आर्थिक क्षेत्रों, मुक्त व्यापार क्षेत्रों और औद्योगिक नगरों के विनियामक प्रशासन का केंद्रीय नियमन करता है। अरब सागर के तट पर अल वुस्ता प्रांत में स्थित दुक़म विशेष आर्थिक क्षेत्र दो हज़ार वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्रफल में फैला एक बहु-आयामी औद्योगिक महा-परिसर है। इस विशाल क्षेत्र में गहरा बंदरगाह, जहाजों के जीर्णोद्धार हेतु शुष्क गोदी, तेल रिफाइनरी और भारी पेट्रोकेमिकल संकुल पूरी तरह क्रियाशील हैं। उत्तर में रणनीतिक समुद्री मार्ग पर स्थित सोहार बंदरगाह और मुक्त क्षेत्र फेरोक्रोम प्रगलन, एल्युमिनियम शोधन, इस्पात निर्माण और अंतरराष्ट्रीय खाद्य रसद का एक शक्तिशाली औद्योगिक केंद्र बन चुका है।
दक्षिण में हिंद महासागर के व्यस्ततम नौवहन गलियारों पर स्थित सलालाह मुक्त क्षेत्र फार्मास्युटिकल विनिर्माण, विशेष पेट्रोकेमिकल और विशाल ट्रांसशिपमेंट गतिविधियों का मुख्य केंद्र है। इन क्षेत्रों में स्थापित वाणिज्यिक उद्यमों को तीस वर्ष तक नवीकरणीय निगमीय कर अवकाश, आयात-निर्यात पर शून्य सीमा शुल्क और कार्यबल स्थानीयकरण नियमों में संविधिक छूट का लाभ मिलता है। सोहार, दुक़म और सलालाह के गहरे बंदरगाह आधुनिक सड़क गलियारों से जुड़े हैं, जो सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के साथ सीधी थल-परिवहन माल ढुलाई सुनिश्चित करते हैं।
गैर-हाइड्रोकार्बन औद्योगिकीकरण और आपूर्ति एकीकरण
ओमान की राष्ट्रीय औद्योगिक नीति कच्चे तेल और गैस के दोहन से प्राप्त राजस्व पर देश की ऐतिहासिक निर्भरता को समाप्त करने पर केंद्रित है। इस रणनीतिक दृष्टिकोण का उद्देश्य गैर-तेल विनिर्माण का विस्तार करके राष्ट्रीय निर्यात की गुणवत्ता और आर्थिक जटिलता को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है। सोहार का एकीकृत धातु संकुल इस औद्योगीकरण का मुख्य आधार है, जो आयातित लौह अयस्क और प्राथमिक एल्युमिनियम को उच्च मूल्य वाले तैयार औद्योगिक उत्पादों में परिवर्तित करता है। इसी तरह दुक़म और सोहार के उन्नत पेट्रोकेमिकल संयंत्र आधारभूत पॉलिमर और विशेष रसायनों का उत्पादन करते हैं, जो घरेलू और क्षेत्रीय प्लास्टिक विनिर्माण उद्योगों को आवश्यक कच्चा माल उपलब्ध कराते हैं।
राष्ट्रीय खाद्य संप्रभुता को सुदृढ़ करने हेतु खज़ैन इकोनॉमिक सिटी और सलालाह में खाद्यान्न भंडारण, दुग्ध प्रसंस्करण और समुद्री उत्पाद पैकेजिंग के समर्पित संकुल विकसित किए गए हैं। बड़े औद्योगिक अनुबंधों में इन-कंट्री वैल्यू तंत्र को अनिवार्य बनाया गया है, जिसके तहत मुख्य ऑपरेटरों को अपने खरीद बजट का एक बड़ा हिस्सा घरेलू ओमानी आपूर्तिकर्ताओं और उप-ठेकेदारों को देना पड़ता है। मदायिन संस्था पूरे देश में क्षेत्रीय औद्योगिक नगरों का विकास और प्रबंधन करती है, जहाँ निवेशकों को रियायती दरों पर विकसित भूमि, ऊर्जा और जनोपयोगी सेवाएँ उपलब्ध कराई जाती हैं।
भूवैज्ञानिक मूल्यवर्धन और चक्रीय संधारणीयता
सल्तनत की भूवैज्ञानिक संरचना गैर-ऊर्जा औद्योगिक खनिजों के प्रचुर वाणिज्यिक भंडारों से परिपूर्ण है, जिसमें उच्च शुद्धता वाला जिप्सम, रासायनिक ग्रेड चूना पत्थर, डोलोमाइट, सिलिका बालू और तांबा अयस्क प्रमुख हैं। ओमान समुद्री मार्ग से जिप्सम निर्यात करने के मामले में वैश्विक स्तर पर अग्रणी स्थान रखता है, जहाँ से हर साल लाखों टन सामग्री अंतरराष्ट्रीय निर्माण और सीमेंट उद्योगों को भेजी जाती है। राष्ट्रीय खनिज नीति अब कच्चे पत्थरों के सीधे निर्यात को सख्ती से हतोत्साहित करती है और स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण तथा डाउनस्ट्रीम मूल्यवर्धन को अनिवार्य बनाती है, जिससे देश के भीतर अधिक आर्थिक मूल्य पैदा हो सके।
उत्तरी ओमान में तांबे के ऐतिहासिक खनन क्षेत्रों को आधुनिक भूवैज्ञानिक अन्वेषण, खुली खदानों और स्थानीय संकेंद्रण संयंत्रों के माध्यम से पुनर्जीवित किया जा रहा है। चक्रीय अर्थव्यवस्था के सिद्धांतों को अपनाते हुए निर्माण मलबे, औद्योगिक धातु अवशेषों और स्लैग का पुनर्चक्रण करके पर्यावरण-अनुकूल सीमेंट का उत्पादन किया जा रहा है। खनन पट्टों के आवंटन से पूर्व पर्यावरण प्राधिकरण से व्यापक पर्यावरणीय प्रभाव आकलन मंज़ूरी प्राप्त करना कानूनी रूप से अनिवार्य है, जिसमें खनन समाप्त होने के बाद खनन स्थल के पूर्ण पुनर्वास की बाध्यकारी प्रतिबद्धता शामिल होती है।
हरित ऊर्जा रूपांतरण और संप्रभु उत्प्रेरक वित्तपोषण
सल्तनत ने वर्ष 2030 तक प्रति वर्ष कम से कम दस लाख टन हरित हाइड्रोजन का उत्पादन करने का रणनीतिक राष्ट्रीय लक्ष्य निर्धारित किया है। इस हरित ऊर्जा रूपांतरण को गति देने के लिए देश के विशाल रेगिस्तानी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर सौर और पवन ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं। हाइड्रोजन ओमान संस्था एक स्वतंत्र केंद्रीय निकाय के रूप में प्रतिस्पर्धी अंतरराष्ट्रीय नीलामियों का आयोजन करती है, जिनके माध्यम से वैश्विक ऊर्जा कंसोर्टियम को सार्वजनिक भूमि के विशाल खंड आवंटित किए जाते हैं। अल वुस्ता और ज़ोफ़ार प्रांतों के रणनीतिक गलियारे पूरे वर्ष प्रचुर सौर विकिरण और तीव्र मौसमी हवाओं का अद्वितीय लाभ प्रदान करते हैं।
ओमान निवेश प्राधिकरण द्वारा दो अरब ओमानी रियाल की पूँजी से स्थापित फ्यूचर फंड ओमान निजी क्षेत्र की महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं में उत्प्रेरक सह-निवेशक की भूमिका निभाता है। सल्तनत ने स्वच्छ ऊर्जा विस्तार और औद्योगिक ऊर्जा दक्षता के समन्वय से वर्ष 2050 तक शुद्ध-शून्य कार्बन उत्सर्जन प्राप्त करने की औपचारिक राष्ट्रीय प्रतिबद्धता स्वीकार की है। दुक़म और सलालाह के गहरे बंदरगाह अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में हरित अमोनिया के निर्यात के लिए समर्पित पाइपलाइन नेटवर्क, भंडारण डिपो और विशेष समुद्री बर्थ का निर्माण कर रहे हैं।
राजकोषीय सुदृढ़ीकरण और व्यवस्थागत आर्थिक रूपांतरण
ओमान विज़न 2040 का प्राथमिक आर्थिक उद्देश्य निजी क्षेत्र के निवेश को बढ़ावा देकर सकल घरेलू उत्पाद में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के योगदान को दस प्रतिशत से ऊपर ले जाना है। सतर्क राजकोषीय प्रबंधन, सार्वजनिक व्यय युक्तिकरण और संप्रभु ऋण में प्रभावी कटौती के कारण प्रमुख वैश्विक रेटिंग एजेंसियों ने ओमान की सॉवरेन साख रेटिंग में निरंतर सुधार दर्ज किया है। मस्कट स्टॉक एक्सचेंज राज्य के स्वामित्व वाली कंपनियों के रणनीतिक विनिवेश, नए सार्वजनिक सूचिकरण और विदेशी निवेशकों के लिए सुगम व्यापारिक पहुँच के माध्यम से पूँजी बाज़ार को गहरा और तरल बना रहा है।
वैश्विक पूँजी को आकर्षित करने की अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में ओमान को पड़ोसी खाड़ी देशों की प्रतिस्पर्धी कर व्यवस्थाओं, कस्टम नीतियों और विनियामक पैकेजों का कुशलतापूर्वक सामना करना पड़ता है। पूंजी-गहन औद्योगिक परियोजनाओं की दीर्घकालिक सफलता स्थानीय कार्यबल के निरंतर कौशल संवर्धन और तकनीकी विशेषज्ञता पर निर्भर करती है। आधुनिक विनिर्माण संयंत्रों के संचालन के लिए कुशल इंजीनियरों और प्रबंधकों की उपलब्धता विदेशी पूँजी के लाभ को टिकाऊ बनाती है। इस प्रकार सामरिक विदेशी और घरेलू निवेश ओमान को एक आधुनिक, विविधीकृत और ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था में बदलने का मुख्य आधारस्तंभ बना हुआ है।
अपनी समझ परखें
तय करें कि आप लेख को कितनी गहराई से दोहराना चाहते हैं। उत्तर देते समय लेख फिर से देख सकते हैं और अंत में उत्तरों की व्याख्या पढ़ सकते हैं।
त्वरित क्विज़ A1
एक सवाल आज़माएँ। पूरा त्वरित क्विज़ हल करने के लिए मुफ़्त खाता बनाएँ। मुफ़्त साइन अप करो
उत्तर जाँचने से पहले सभी प्रश्नों के उत्तर दें। समय की कोई सीमा नहीं है।
आपके नतीजे
/ 1 सही (%)
हर उत्तर का लेख से क्या संबंध है, यह समझने के लिए व्याख्याएँ पढ़ें।
-
ओमान में विदेशी निवेशक कंपनी के कितने प्रतिशत मालिक बन सकते हैं?
1. उत्तर:
त्वरित क्विज़ A2
एक सवाल आज़माएँ। पूरा त्वरित क्विज़ हल करने के लिए मुफ़्त खाता बनाएँ। मुफ़्त साइन अप करो
उत्तर जाँचने से पहले सभी प्रश्नों के उत्तर दें। समय की कोई सीमा नहीं है।
आपके नतीजे
/ 1 सही (%)
हर उत्तर का लेख से क्या संबंध है, यह समझने के लिए व्याख्याएँ पढ़ें।
-
किस शाही फरमान के तहत विदेशी पूँजी निवेश कानून लागू किया गया?
1. उत्तर:
त्वरित क्विज़ B1
एक सवाल आज़माएँ। पूरा त्वरित क्विज़ हल करने के लिए मुफ़्त खाता बनाएँ। मुफ़्त साइन अप करो
उत्तर जाँचने से पहले सभी प्रश्नों के उत्तर दें। समय की कोई सीमा नहीं है।
आपके नतीजे
/ 1 सही (%)
हर उत्तर का लेख से क्या संबंध है, यह समझने के लिए व्याख्याएँ पढ़ें।
-
विदेशी पूँजी निवेश कानून ने किस व्यवस्था में व्यापक बदलाव किया है?
1. उत्तर:
त्वरित क्विज़ B2
एक सवाल आज़माएँ। पूरा त्वरित क्विज़ हल करने के लिए मुफ़्त खाता बनाएँ। मुफ़्त साइन अप करो
उत्तर जाँचने से पहले सभी प्रश्नों के उत्तर दें। समय की कोई सीमा नहीं है।
आपके नतीजे
/ 1 सही (%)
हर उत्तर का लेख से क्या संबंध है, यह समझने के लिए व्याख्याएँ पढ़ें।
-
विदेशी पूँजी निवेश कानून ने किस अनिवार्यता को समाप्त कर दिया है?
1. उत्तर:
त्वरित क्विज़ C1
एक सवाल आज़माएँ। पूरा त्वरित क्विज़ हल करने के लिए मुफ़्त खाता बनाएँ। मुफ़्त साइन अप करो
उत्तर जाँचने से पहले सभी प्रश्नों के उत्तर दें। समय की कोई सीमा नहीं है।
आपके नतीजे
/ 1 सही (%)
हर उत्तर का लेख से क्या संबंध है, यह समझने के लिए व्याख्याएँ पढ़ें।
-
विदेशी पूँजी निवेश कानून ने किस विधिक अधिकार को प्रदान किया?
1. उत्तर:
त्वरित क्विज़ C2
एक सवाल आज़माएँ। पूरा त्वरित क्विज़ हल करने के लिए मुफ़्त खाता बनाएँ। मुफ़्त साइन अप करो
उत्तर जाँचने से पहले सभी प्रश्नों के उत्तर दें। समय की कोई सीमा नहीं है।
आपके नतीजे
/ 1 सही (%)
हर उत्तर का लेख से क्या संबंध है, यह समझने के लिए व्याख्याएँ पढ़ें।
-
विदेशी पूँजी निवेश कानून ने विनियामक ढांचे में किसका सूत्रपात किया?
1. उत्तर: