The video owner has disabled playback on external websites.

This video is no longer available on YouTube.

This video cannot be played right now.

Watch on YouTube

KI-gestützte Lerntools freischalten

Registriere dich, um leistungsstarke Tools zu nutzen, die dir helfen, schneller aus jedem Video zu lernen.

Szenen-Erklärer Phrasen-Jäger Karteikarten-Review Nachsprechübung Sprachausgabe
Kostenlos registrieren
B1 Mittelstufe Hindi 26:09 Educational

Popular Dr. Abdul Kalam Stories: Learn Hindi with Subtitles

BookBox Hindi · 8,024,350 Aufrufe · Hinzugefügt vor 3 Wochen

Lernstatistiken

B1

GER-Niveau

5/10

Schwierigkeit

Untertitel (394 Segmente)

00:01

मेरे अध्यापक के लिए एक

00:04

पाठ मैं रामेश्वरम में मस्जिद गली में

00:08

रहता था रामेश्वरम अपने शिव मंदिर के लिए

00:12

प्रसिद्ध है रोज शाम को मस्जिद से घर

00:16

लौटते हुए मैं मंदिर के पास

00:20

रुकता यहां मुझे कुछ अजीब सा महसूस होता

00:23

था क्योंकि मंदिर जाने वाले लोग मुझे शक

00:27

की निगाह से देखते थे

00:30

शायद वे हैरान होते थे कि एक मुसलमान

00:34

लड़का मंदिर के सामने क्या कर रहा

00:37

है सच्चाई यह थी कि मुझे मंत्रों का

00:41

लयबद्ध पाठ सुनना अच्छा लगता

00:45

था मुझे उनका एक भी शब्द समझ नहीं आता था

00:50

लेकिन उनमें एक अजीब सा जादू

00:56

था और दूसरा कारण था मेरा दोस्त रामनाथ

01:04

शास्त्री वो मुख्य पुरोहित का बेटा

01:08

था शाम के समय वह अपने पिता के साथ बैठकर

01:13

स्त्रों का पाठ करता

01:14

[संगीत]

01:16

था बीच-बीच में वह मेरी ओर देखकर मुस्कुरा

01:21

भी देता

01:24

था विद्यालय में मैं और राम कक्षा में

01:29

पहली ब पर एक साथ बैठते

01:33

थे हम भाइयों जैसे

01:36

थे बस वह यज्ञ पवित पहनता था और हिंदू

01:42

था जबकि मुसलमान होने के नाते मैं सफेद

01:46

टोपी पहनता

01:48

था जब हम पांचवीं कक्षा में थे तब एक दिन

01:54

एक नए अध्यापक हमारी कक्षा में आए वे काफी

01:58

सख्त मिजाज दिख रहे थे अपनी हथेली पर बेंत

02:02

ठक ठका हुए उन्होंने पूरी कक्षा का चक्कर

02:06

लगाया आखिर वे हमारे सामने आकर खड़े हो गए

02:11

और चिल्लाकर बोले ए सफेद टोपी वाले

02:15

तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई पुरोहित के बेटे

02:18

के पास बैठने की चलो फौरन सबसे पिछली बेंच

02:22

पर जाओ मुझे बहुत बुरा लगा रोनी सूरत लिए

02:28

मैं अपनी किताबें लेकर सबसे पिछली बेंच पर

02:32

जा बैठा छुट्टी के बाद राम और मैं दोनों

02:37

ही चुपचाप खूब रोए हमें लगा कि हम कभी

02:42

दोस्त नहीं रह

02:43

[संगीत]

02:46

पाएंगे उस दिन जब मैं घर लौटा तो मेरी

02:50

सूरत देखकर पिताजी

02:52

बोले तुम रो रहे

02:54

थे क्या हुआ

02:58

बेटा मैंने पूरी बात उन्हें बताई उधर राम

03:03

ने भी अपने घर में यह बात

03:06

बताई अगली सुबह राम दौड़ता हुआ हमारे घर

03:11

आया और बोला पिताजी ने तुम्हें फौरन हमारे

03:16

घर बुलाया है मैं बहुत डर

03:19

गया मुझे लगा कि अब मुझे और डांट

03:24

[संगीत]

03:26

पड़ेगी राम के घर हम नए अध्यापक को देखकर

03:31

तो मेरी जान ही निकल गई राम के पिताजी ने

03:36

सख्ती से अध्यापक जी से कहा जो कुछ भी हुआ

03:41

उसके लिए आपको कलाम से माफी मांगनी होगी

03:45

मुझे विश्वास ही नहीं हो रहा था कि मुख्य

03:49

पुरोहित अध्यापक जी को मुझसे माफी मांगने

03:53

को कह रहे थे वे कह रहे थे ईश्वर की

03:57

दृष्टि में कोई बच्चा

04:00

किसी से कम नहीं है अध्यापक होने के नाते

04:03

आपका कर्तव्य है कि आप अपने छात्रों को

04:08

उनकी अलग-अलग पृष्ठ भूमियों के बावजूद

04:11

मिलजुलकर रहना सिखाए अब से आप इस विद्यालय

04:15

में नहीं पढ़ाएंगे

04:17

अध्यापक जी ने तुरंत उनसे क्षमा मांगी और

04:22

मुझे गले लगाते हुए कहा कलाम मुझे बहुत

04:25

अफसोस है कि मैंने तुम्हारा दिल दुखाया आज

04:29

मैं ने जीवन का एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण

04:31

सबक सीखा है राम के पिताजी ने जब देखा कि

04:36

अध्यापक जी को सचमुच अपने किए पर खेद है

04:40

तो उन्होंने उन्हें विद्यालय में पढ़ाना

04:44

जारी रखने को

04:46

कहा राम और मैं फिर से पहली बेंच पर बैठने

04:51

लगे हमारी दोस्ती आज भी बरकरार है

04:59

[प्रशंसा]

05:00

[संगीत]

05:04

मैं प्रथम आया दूसरा विश्व युद्ध बस खत्म

05:10

ही हुआ था और भारत उत्सुकता से अपनी आजादी

Vollständige Untertitel im Videoplayer verfügbar

Mit Übungen trainieren

Erstelle Vokabel-, Grammatik- und Verständnisübungen aus diesem Video

Vokabeln & Grammatik Verständnisquiz IELTS-Prüfung Schreib-Übung
Registrieren zum Üben
Noch keine Kommentare. Sei der Erste, der seine Gedanken teilt!

Registriere dich, um alle Features freizuschalten

Verfolge deinen Fortschritt, speichere Vokabeln und übe mit Übungen

Kostenlos Sprachen lernen