The video owner has disabled playback on external websites.
This video is no longer available on YouTube.
This video cannot be played right now.
Watch on YouTube
Popular Dr. Abdul Kalam Stories: Learn Hindi with Subtitles
学习统计
CEFR 等级
难度
字幕 (394 片段)
मेरे अध्यापक के लिए एक
पाठ मैं रामेश्वरम में मस्जिद गली में
रहता था रामेश्वरम अपने शिव मंदिर के लिए
प्रसिद्ध है रोज शाम को मस्जिद से घर
लौटते हुए मैं मंदिर के पास
रुकता यहां मुझे कुछ अजीब सा महसूस होता
था क्योंकि मंदिर जाने वाले लोग मुझे शक
की निगाह से देखते थे
शायद वे हैरान होते थे कि एक मुसलमान
लड़का मंदिर के सामने क्या कर रहा
है सच्चाई यह थी कि मुझे मंत्रों का
लयबद्ध पाठ सुनना अच्छा लगता
था मुझे उनका एक भी शब्द समझ नहीं आता था
लेकिन उनमें एक अजीब सा जादू
था और दूसरा कारण था मेरा दोस्त रामनाथ
शास्त्री वो मुख्य पुरोहित का बेटा
था शाम के समय वह अपने पिता के साथ बैठकर
स्त्रों का पाठ करता
[संगीत]
था बीच-बीच में वह मेरी ओर देखकर मुस्कुरा
भी देता
था विद्यालय में मैं और राम कक्षा में
पहली ब पर एक साथ बैठते
थे हम भाइयों जैसे
थे बस वह यज्ञ पवित पहनता था और हिंदू
था जबकि मुसलमान होने के नाते मैं सफेद
टोपी पहनता
था जब हम पांचवीं कक्षा में थे तब एक दिन
एक नए अध्यापक हमारी कक्षा में आए वे काफी
सख्त मिजाज दिख रहे थे अपनी हथेली पर बेंत
ठक ठका हुए उन्होंने पूरी कक्षा का चक्कर
लगाया आखिर वे हमारे सामने आकर खड़े हो गए
और चिल्लाकर बोले ए सफेद टोपी वाले
तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई पुरोहित के बेटे
के पास बैठने की चलो फौरन सबसे पिछली बेंच
पर जाओ मुझे बहुत बुरा लगा रोनी सूरत लिए
मैं अपनी किताबें लेकर सबसे पिछली बेंच पर
जा बैठा छुट्टी के बाद राम और मैं दोनों
ही चुपचाप खूब रोए हमें लगा कि हम कभी
दोस्त नहीं रह
[संगीत]
पाएंगे उस दिन जब मैं घर लौटा तो मेरी
सूरत देखकर पिताजी
बोले तुम रो रहे
थे क्या हुआ
बेटा मैंने पूरी बात उन्हें बताई उधर राम
ने भी अपने घर में यह बात
बताई अगली सुबह राम दौड़ता हुआ हमारे घर
आया और बोला पिताजी ने तुम्हें फौरन हमारे
घर बुलाया है मैं बहुत डर
गया मुझे लगा कि अब मुझे और डांट
[संगीत]
पड़ेगी राम के घर हम नए अध्यापक को देखकर
तो मेरी जान ही निकल गई राम के पिताजी ने
सख्ती से अध्यापक जी से कहा जो कुछ भी हुआ
उसके लिए आपको कलाम से माफी मांगनी होगी
मुझे विश्वास ही नहीं हो रहा था कि मुख्य
पुरोहित अध्यापक जी को मुझसे माफी मांगने
को कह रहे थे वे कह रहे थे ईश्वर की
दृष्टि में कोई बच्चा
किसी से कम नहीं है अध्यापक होने के नाते
आपका कर्तव्य है कि आप अपने छात्रों को
उनकी अलग-अलग पृष्ठ भूमियों के बावजूद
मिलजुलकर रहना सिखाए अब से आप इस विद्यालय
में नहीं पढ़ाएंगे
अध्यापक जी ने तुरंत उनसे क्षमा मांगी और
मुझे गले लगाते हुए कहा कलाम मुझे बहुत
अफसोस है कि मैंने तुम्हारा दिल दुखाया आज
मैं ने जीवन का एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण
सबक सीखा है राम के पिताजी ने जब देखा कि
अध्यापक जी को सचमुच अपने किए पर खेद है
तो उन्होंने उन्हें विद्यालय में पढ़ाना
जारी रखने को
कहा राम और मैं फिर से पहली बेंच पर बैठने
लगे हमारी दोस्ती आज भी बरकरार है
[प्रशंसा]
[संगीत]
मैं प्रथम आया दूसरा विश्व युद्ध बस खत्म
ही हुआ था और भारत उत्सुकता से अपनी आजादी
完整字幕可在视频播放器中查看
评论 (0)
登录后评论互动模式
测验
正确答案:
相关视频
President confers #DadasahebPhalkeAward, India's highest film honour to Actor #MithunChakraborty
वन और वन्य जीव संसाधन भूगोल कक्षा10/Forest and Wildlife Resources Class 10 full chapter (Animation)
DIY- White Cement Flower Pot // Paper Easy Cement Pottery Making
Varun Thakur | Why Astrology Sucks | Stand Up Comedy
Interview with Shah Rukh Khan
BookBox Hindi
测验
正确答案:
观看视频时会出现测验
记忆技巧
来自此视频
免费开始学语言