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B1 मध्यम हिन्दी 20:51 Educational

Dinner With The Dons - Ramesh Singh Sikarwar: The Don Of Chambal (Hindi) | Unique Stories From India

101 India · 13,498,265 व्यूज़ · जोड़ा गया 3 सप्ताह पहले

सीखने के आँकड़े

B1

CEFR लेवल

5/10

कठिनाई

सबटाइटल्स (493 खंड)

00:00

YouTube ऐप पर घंटी बजाओ

00:02

और 101 इंडिया की सब नई स्टोरीस के अपडेट पाओ

00:19

यार, तो यह डाकू करता क्या है अभी?

00:26

अरे!

00:30

गेंग में शामिल होने के लिए सबसे पहले मर्डर करना पड़ेगा

00:35

जो डरा, वह मार गया

00:53

चंबल घाटी

00:54

इंडिया का असली वाइल्ड वाइल्ड वेस्ट

00:58

मध्य प्रदेश, यूपी और राजस्थान के बीचो बीच

01:01

यह जगह उतनी ही जंगली है जितनी की खूबसूरत

01:04

पर क्‍यों

01:06

यह जानने के लिए हम उस नदी पर जा पहुंचे

01:08

जहाँ से इस कहानी की शुरुआत हुई है

01:11

मैं हूँ डॉक्टर वी.सी.

01:14

और यह है वह चंबल नदी

01:15

जिस पे इस इलाके का नामकरण हुआ

01:18

कहते हैं, पचिसी में शकुनी के हाथों बदनाम होने के बाद

01:21

द्रौपदी ने इस नदी और इसके पानी पीनेवालों को श्राप दे दिया

01:24

ऐसा श्राप, जो कभी मिटा ही नही

01:28

उस श्राप की वजह से इस नदी को गंगा और दूसरी नदियों की तरह

01:31

ना तो कभी पूजा गया

01:33

और ना ही इससे जुड़े कोई त्यौहार मनाए गये

01:35

इसकी झोली में जो गिरे

01:37

वह थे मगरमच

01:38

घड़ियाल

01:40

बीहड़

01:42

और बहुत सारे डाकू

01:48

आज भी जब लोग चंबल का नाम लेते हैं, तो किसी के दिमाग़ में यह नदी नहीं आती

01:52

पर जो आता है

01:53

वह है बंदूकें

01:54

असला

01:55

और खून ख़राबा

01:58

इसी खून ख़राबे को एक ज़माने में अंजाम देने वाले एक डाकू से मैं खाने पे मिलने

02:01

जा रहा था

02:02

रमेश सिंह सिकरवार

02:05

32 डाकुओं के गेंग के साथ

02:06

सिकरवार ने 1970-80 के दशक में

02:08

घाटी के शिवपुर इलाक़े में अपना आतंक फैला रखा था

02:12

1984 में सरेंडर होने तक

02:14

सिकरवार की गिनती थी 29 डकैतियाँ

02:16

100 किडनॅपिंग और 52 मर्डर

02:20

पर जैसे ही मुझे लगा की सिकरवार ने

02:22

मार-काट छोड़ कर सादा खेती-बाड़ी वाला किसान जीवन अपना लिया है

02:26

मेरे निर्देशक ने यह कह डाला

02:30

यार, तो यह डाकू करता क्या है अभी?

02:33

जब इसने सरेंडर किया था, तो इसको बहुत सारी ज़मीन मिली थी

02:36

उसपे इसने खेती-बाड़ी शुरू कर दी

02:38

गाँव का चुनिंदा मुखिया भी बन गया

02:40

क्या बात कर रहा है, तो अब सब नॉर्मल?

02:42

नॉर्मल तो नहीं बोल सकते

02:43

क्योंकि अभी कुछ साल पहले की बात है

02:45

इसका नाम किसी मर्डर के केस में उछाला गया था

02:49

तो यह अभी जैल से कुछ ही साल पहले निकला है

02:52

F**k, मुझे चंबल में मेर हुए लोगो की लाइन में शामिल नहीं होना है भाई

02:57

काश किस्मत हमारे साथ रहे

02:58

और क्रू के साथ भी

02:59

और क्रू के साथ भी

03:01

रास्ते मैं मेरी तबीयत भी खराब हो चली थी

03:03

ज़ुकाम और बुखार की दोहरी मार

03:05

हिन्दुस्तान के सबसे आतंकी हत्यारों में से एक से मुलाकात

03:08

दिन को मज़ेदार बनाने के लिए और क्या चाहिए?

03:17

F**k, यह डाकू तो बहुत किल्लर दिख रहा है भाई

03:32

मेरा नाम वी सी है

03:36

नमशकर

03:37

नमशकर

03:41

एक मुझे भी दे दो बंदूक और गोली

03:43

आप मत लो बंदूक, हमारे लिए ही बहुत है

03:45

बंदूक लेना बहुत महेंगा पद जाता है

03:48

परिवार छोड़ना पड़ता है, गाँव छोड़ना पड़ता है

03:50

अलग ही देश बनाना पड़ता है

03:52

और किसलिए करना पड़ता है?

03:54

अन्याय के विरुद्ध लड़ना पड़ता है

03:56

तुम मत लो, यह हमारे लिए ही बहुत है

03:58

ठीक है

03:59

आओ, मंदिर में चलतें हैं

04:07

चंबल के ज़्यादातर डाकुओं की तरह

04:08

सिकरवार भी दुर्गा देवी के बहुत बड़े भक्त हैं

04:11

और उनके ही मंदिर में मेरे स्वागत की तय्यरी की गयी थी

04:16

मुझे ज़ुकाम हो गया है

04:17

थोड़ी चाय मिलेगी?

04:18

बिल्कुल मिलेगी

04:20

चंबल की चाय?

04:21

हाँ, बिल्कुल

04:22

सुना है काफ़ी अलग है यहाँ की चाय

04:24

यहाँ का पानी ताम्सिक है

04:26

ताम्सिक मतलब?

04:27

गुस्सा आ जाता है, मर्डर करने जैसे लगता है

04:29

क्या बात कर रहे हो, मुझे नहीं करना है

04:33

मर्डर करवा देने वाली चाय के बाद

04:35

अब बारी थी गाँव का सादा नाश्ता चखने की

04:39

बहुत बढ़िया

04:41

क्या क्या है, जी?

04:42

डाल, चावल, रोटी

04:43

हाँ, यह हुमारा रोज़ का भोजन है

04:48

आप यह ले लो

04:49

यह बदल क्यों दी आपने?

04:51

मैं भी बदल लूँगा आपसे

04:56

पर यह बदलते क्यों हैं?

04:58

कारण यह है

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