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B1 Intermediate Hindi 18:38 Educational

Black Holes Explained | They are not what you think they are! | Dhruv Rathee

Dhruv Rathee · 15,080,131 views · Added 4 months ago

Learning Stats

B1

CEFR Level

5/10

Difficulty

Subtitles (492 segments)

00:00

नमस्कार दोस्तों, 2014 में अगर आपको याद

00:02

हो डायरेक्टर क्रिस्टोफर नोलन की एक बड़ी

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ब्लॉकबस्टर फिल्म आई थी इंटरस्टेलरी। इस

00:07

फिल्म में स्पेस रिलेटेड कांसेप्ट्स को

00:09

वार्म होल्स, ब्लैक होल्स, एलियन

00:11

प्लेनेट्स इन सबको बड़े ही साइंटिफिकली

00:13

एक्यूरेट तरीके से दर्शाया गया था। लेकिन

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शायद सबसे भयंकर सीन इस फिल्म के एंड में

00:18

था। क्लाइमेक्स में जब फिल्म के मेन

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कैरेक्टर कूपर एक ब्लैक होल के अंदर गिर

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जाते हैं। इस ब्लैक होल का नाम फिल्म में

00:25

बताया जाता है गार्गेंट हुआ और कूपर अपने

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स्पेसक्राफ्ट को लेकर ब्लैक होल के अंदर

00:30

गिरते हैं। शुरू में इनके आसपास सब कुछ

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काला-काला होता है। कंप्लीट डार्कनेस।

00:35

लेकिन जैसे ही ये और अंदर गिरते हैं, कुछ

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ग्रेन जैसे पार्टिकल्स इन्हें सामने दिखाई

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पड़ते हैं। यह पार्टिकल्स इनके

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स्पेसक्राफ्ट पर आकर लगते हैं। खुरेदने लग

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जाते हैं। कुछ लाइट के फ्लैशेस निकलते

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हैं। कुछ चिंगारियां लगती हैं और आग लगने

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लग जाती है इनके स्पेसक्राफ्ट पर। इन्हें

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मजबूरन इजेक्ट करना पड़ता है अपने

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स्पेसक्राफ्ट से और यह ब्लैक होल के अंदर

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गिरते चले जाते हैं। लेकिन फिर अचानक से

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अपने आप को यह एक फाइव डायमेंशनल स्पेस के

00:59

अंदर पाते हैं। एक फाइव डायमेंशनल टैसर।

01:01

ये एक बहुत ही दिमाग हिला देने वाली चीज

01:03

है। एक ऐसी जगह है जहां पर यह अपने पास्ट

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से कम्युनिकेट कर सकते हैं ग्रेविटी का

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इस्तेमाल करके। यह सब देखकर एक बड़ा सवाल

01:10

आपके मन में उठा होगा। क्या यह सब पॉसिबल

01:12

है? क्या एक ब्लैक होल के अंदर सही में

01:14

ऐसा कुछ होता है? अगर हम सही में ब्लैक

01:17

होल के अंदर गिरेंगे तो क्या देखने को

01:19

मिलेगा? आइए समझने की कोशिश करते हैं इन

01:21

सारे सवालों को आज के इस वीडियो में।

01:26

ब्लैक होल्स रिमेन लार्जली अननोन 20थ

01:29

सेंचुरी।

01:31

ब्लैक होल स्पेस

01:41

हो

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डार्क ग्रेविटीवरीथिंग

01:47

दे।

01:53

कहानी की शुरू से शुरुआत करते हैं।

01:54

दोस्तों ब्लैक होल्स का इतिहास कोई ज्यादा

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पुराना नहीं है। आज से 100 साल पहले कोई

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ब्लैक होल्स के बारे में जानता तक नहीं

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था। आइंस्टाइन की थ्योरी ऑफ़ रिलेटिविटी की

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वजह से ही बाद में जाकर ब्लैक होल्स की

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डिस्कवरी करी गई। इस थ्योरी के एक्चुअली

02:07

में दो हिस्से हैं दोस्तों। द स्पेशल

02:08

थ्योरी ऑफ़ रिलेटिविटी और द जनरल थ्योरी ऑफ़

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रिलेटिविटी। स्पेशल थ्योरी ऑफ़ रिलेटिविटी

02:13

जिसे आइंस्टाइन ने साल 1905 में पब्लिश

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किया था। हमें बताती है कि कैसे स्पीड

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टाइम को इन्फ्लुएंस करती है। अगर आप एक

02:20

ऐसी स्पेसशिप में बैठे हो जो बहुत तेज

02:22

उड़ने लग रही है। जिसकी स्पीड बहुत ज्यादा

02:24

है तो आपके लिए टाइम धीरे चलेगा। रिलेटिव

02:27

टू वो लोग जो स्पेसशिपिप में नहीं बैठे

02:30

हैं धरती पर ही हैं। रिलेटिव शब्द बहुत

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जरूरी है क्योंकि आप जब स्पेसशिप में बैठे

02:34

होंगे तो आपको फील नहीं हो रहा होगा कि

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टाइम बहुत धीरे चलने लग रहा है। आपके लिए

02:38

टाइम उतनी ही स्पीड पर चल रहा होगा जितनी

02:39

पे नॉर्मली चलता है। बस आप अगर वापस धरती

02:42

पर जाएंगे तब आपको पता चलेगा कि टाइम

02:44

कितना अलग चल रहा था। इस चीज को कनेमेटिक

02:47

टाइम डायलेशन कहा जाता है। और अगर आपने

02:49

मेरा टाइम ट्रैवलर वाला वीडियो देखा है तो

02:50

उसमें मैंने डिटेल में एक्सप्लेन किया है

02:52

यह कैसे काम करता है। अब स्पीड से ही नहीं

02:54

बल्कि ग्रेविटी से भी टाइम डाइलेशन हो

02:57

सकती है जिसे आइंस्टाइन ने बताया अपनी

02:59

जनरल थ्योरी ऑफ रिलेटिविटी। ये उन्होंने

03:01

डेवलप करी थी साल 1915 में। इसमें जितना

03:04

ज्यादा आप ग्रेविटेशनल फोर्स एक्सपीरियंस

03:06

करेंगे, उतना ही ज्यादा टाइम आपके लिए

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धीरे हो जाएगा। इसे ग्रेविटेशनल टाइम

03:10

डायलेशन कहा जाता है और इंटरस्टेलर फिल्म

03:12

में इसे बढ़िया तरीके से दिखाया गया था।

03:14

जब कूपर और उनके साथी एक एक्वा प्लनेट पर

03:17

लैंड करते हैं। उस प्लनेट पर उनके लिए एक

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घंटा धरती पर 7 सालों के बराबर होता है।

03:23

ऐसा इस प्लनेट पर इसलिए होता है क्योंकि

03:24

ये प्लनेट गार्गेंट टू अ ब्लैक होल के

03:26

काफी करीब होता है। तो ब्लैक होल की तरफ

03:28

से आ रहा ग्रेविटेशनल फोर्स इस पर इंपैक्ट

03:31

डालता है। अब आइंस्टाइन ने इस चीज को

03:32

विजुअलाइज करने के लिए कहा था कि एक स्पेस

03:34

टाइम का फैब्रिक इमेजिन करो। एक तरीके का

03:36

मेश इमेजिन करो जिस पर सारे प्लरी

03:39

ऑब्जेक्ट्स रखे हुए हैं। जितना ज्यादा

03:41

उनका मास है उतना ही ज्यादा वो इस स्पेस

03:44

टाइम के मेश को बेंड कर रहे हैं नीचे। और

03:46

जब यह मेश बेंड होने लग रहा है, ना सिर्फ

03:49

फिजिकल ऑब्जेक्ट्स इसकी तरफ ज्यादा

03:51

आकर्षित हो रहे हैं बल्कि टाइम की भी इससे

03:53

डलेशन होने लग रही है। और जो बाकी फॉर्म्स

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