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B1 Intermediário Hindi 19:11 Educational

Why British Left India? | Reality of Mahatma Gandhi's Role | Quit India Movement | Dhruv Rathee

Dhruv Rathee · 11,129,529 visualizações · Adicionado há 3 semanas

Estatísticas de aprendizado

B1

Nível CEFR

5/10

Dificuldade

Legendas (475 segmentos)

00:00

नमस्कार दोस्तों, 8th अगस्त सन 1942 मुंबई

00:03

के ग्वालिका टैंक मैदान में ऑल इंडिया

00:06

कांग्रेस कमेटी के लीडर्स इकट्ठे होते

00:08

हैं।

00:12

ये एक संघर्ष का ऐलान करने वाले हैं। एक

00:15

आखिरी संघर्ष सत्ता में बैठी ब्रिटिश यूपी

00:18

लिस्ट सरकार के खिलाफ।

00:23

हजारों की भीड़ के सामने महात्मा गांधी एक

00:26

ऐतिहासिक भाषण देते हैं। आप में से हर एक

00:29

व्यक्ति अपने आप को अब आजाद समझे। हम आपसे

00:32

अब इस इंपीरियलिज्म के जूते के नीचे दबकर

00:34

नहीं रह सकते। हमें चाहिए पूरी तरीके से

00:37

आजादी। मैं आप लोगों को एक मंत्र देता

00:40

हूं। इसे अपने दिल में बसा लो और इसे अपनी

00:42

हर सांस में याद रखना। यह मंत्र है डू और

00:45

डाई। करो या मरो। अब या तो हम इंडिया को

00:49

आजाद देखेंगे या फिर इस कोशिश में मारे

00:52

जाएंगे। लेकिन इस गुलामी में अब हम और

00:54

नहीं जिएंगे।

01:05

है दोस्तों क्विट इंडिया मूवमेंट की भारत

01:08

छोड़ो आंदोलन। ब्रिटिश सरकार जानती थी

01:11

इसके बारे में और कुछ महीने पहले से ही

01:13

ब्रिटिश राज की होम डिपार्टमेंट काम कर

01:16

रही थी एक थ्री स्टेज प्लान पर इस मूवमेंट

01:18

को खत्म करने के लिए। स्टेज वन

01:21

प्रोपेगेंडा का इस्तेमाल किया जाए। पूरे

01:23

मीडिया पर इस तरीके से कंट्रोल बनाया जाए

01:25

कि कोई भी अखबार इसकी खबर ही ना छाप पाए।

01:28

स्टेज टू, कांग्रेस ऑर्गेनाइजेशंस के

01:30

दफ्तरों पर रेड मारकर उनके फंड्स सीज कर

01:33

लेना और कांग्रेस के सारे लीडर्स को

01:35

अरेस्ट कर लेना। स्टेज थ्री, मास मूवमेंट

01:38

को सप्रेस करने के लिए इमरजेंसी पावर्स का

01:40

इस्तेमाल करना, कांग्रेस के लीडर्स को

01:42

एंटी नेशनल घोषित कर देना। और इस तरीके से

01:45

मूवमेंट को शुरू होने से पहले ही खत्म कर

01:48

देना। अगला दिन नाइन्थ अगस्त महात्मा

01:50

गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभ

01:53

भाई पटेल, मौलाना आजाद और सारे टॉप लीडर्स

01:55

कांग्रेस के। इन्हें अरेस्ट करके जेल में

01:58

डाल दिया जाता है। अगले कई सालों तक ये

02:00

लीडर्स जेल से बाहर नहीं आने थे। फिर सवाल

02:03

यह कि इस मूवमेंट को कैसे आगे बढ़ाया जाए?

02:05

आज के वीडियो में आप इंस्पिरेशन की एक

02:07

जबरदस्त दास्ता सुनेंगे। इतनी सख्ती और

02:10

मुश्किलों के बीच आखिर कैसे इंकलाब का

02:12

नारा देश के कोने-कोने तक पहुंचता है और

02:15

कौन वो देश में रहने वाले गद्दार थे जो

02:17

ब्रिटिश की साइड लेते हैं इस मूवमेंट के

02:20

दौरान। आइए समझते हैं क्विट इंडिया

02:22

मूवमेंट को गहराई से आज के इस वीडियो में।

02:32

इस मूवमेंट के शुरू होने से एक्सजेक्टली 2

02:35

साल पहले की बात है। 8th अगस्त साल 1940

02:38

ब्रिटिश राज ने वायसरॉय लिनथ गो के द्वारा

02:41

एक ऑफर पेश किया था इंडियन फ्रीडम फाइटर्स

02:43

को। इसे नाम दिया जाता है अगस्त ऑफर।

02:46

इसमें इन्होंने कहा कि हम इंडियंस की

02:48

रिप्रेजेंटेशन बढ़ाएंगे ब्रिटिश इंडिया

02:50

सरकार में। असल में बात क्या थी कि यह वह

02:53

समय था जब वर्ल्ड वॉर टू बड़े जोर शोर से

02:55

चल रही थी यूरोप में। जर्मनी का डिक्टेटर

02:57

एडोल्फ हिटलर एक के बाद एक देश को

02:59

सक्सेसफुली इनवेड किए जा रहा था और

03:01

ब्रिटेन इकलौता देश खड़ा था उसके खिलाफ।

03:04

यूके में मौजूद ब्रिटिश सरकार बड़ी मुसीबत

03:06

में थी और बड़ी डेस्पिरेट थी जहां से मदद

03:09

मिल सके वहां से ली जाए। हालांकि इंडियन

03:11

सोल्जर्स ऑलरेडी ब्रिटिश की तरफ से लड़

03:13

रहे थे वर्ल्ड वॉर टू में लेकिन ब्रिटिश

03:15

चाहती थी कि इंडियंस की तरफ से और ज्यादा

03:17

कोऑपरेशन हो। इसलिए उन्होंने सोचा इंडियंस

03:19

को मनाने के लिए हम एक ऑफर देते हैं। इस

03:22

समय तक कांग्रेस ने ठान ली थी कि वह

03:24

छोटे-मोटे ऑफर्स एक्सेप्ट नहीं करेंगे। वह

03:26

पूरी तरीके से आजादी चाहते हैं। उन्होंने

03:28

कहा कि अगर ब्रिटिश सरकार चाहती है इंडिया

03:30

कोऑपरेट करें उनके साथ इस वॉर में तो

03:32

इंडिया को पूरी तरीके से आजादी देनी होगी।

03:35

तो यह अगस्त ऑफर फेल रहता है। इसके बाद

03:38

मार्च 1942 में ब्रिटेन के द्वारा एक और

03:41

डेलीगेशन भेजी जाती है। इसे नाम दिया जाता

03:43

है क्रिप्स मिशन। क्योंकि उस वक्त के लीडर

03:45

ऑफ हाउस ऑफ कॉमन थे स्टैफोर्ड क्रिप्स। इस

03:48

मिशन का मकसद था इंडिया को आजादी देना

03:50

वर्ल्ड वॉर टू खत्म होने के बाद। लेकिन

03:52

क्रिप्स मिशन में जो ऑफर दिया जाता है

03:54

ब्रिटिश की तरफ से वो फुल फ्रीडम का नहीं

03:56

होता बल्कि डोमिनियन स्टेटस का होता है।

03:59

क्रिप्स के ऑफर में इंडिया एक ऑटोनॉमस

04:01

रीजन बन जाएगा ब्रिटिश कॉमनव्थ के अंडर।

04:03

यह थोड़ा बेटर ऑफर था पिछले वाले से लेकिन

04:05

कांग्रेस ने इसे भी आउटराइटली रिजेक्ट कर

04:08

दिया। उन्होंने अपना मकसद साफ बताया पूरी

04:11

तरीके से आजादी। अब तक कांग्रेस के लीडर्स

04:13

इन ऑफर्स और नेगोशिएशन से तंग आ चुके थे।

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