The video owner has disabled playback on external websites.
This video is no longer available on YouTube.
This video cannot be played right now.
Watch on YouTube
Why British Left India? | Reality of Mahatma Gandhi's Role | Quit India Movement | Dhruv Rathee
学习统计
CEFR 等级
难度
字幕 (475 片段)
नमस्कार दोस्तों, 8th अगस्त सन 1942 मुंबई
के ग्वालिका टैंक मैदान में ऑल इंडिया
कांग्रेस कमेटी के लीडर्स इकट्ठे होते
हैं।
ये एक संघर्ष का ऐलान करने वाले हैं। एक
आखिरी संघर्ष सत्ता में बैठी ब्रिटिश यूपी
लिस्ट सरकार के खिलाफ।
हजारों की भीड़ के सामने महात्मा गांधी एक
ऐतिहासिक भाषण देते हैं। आप में से हर एक
व्यक्ति अपने आप को अब आजाद समझे। हम आपसे
अब इस इंपीरियलिज्म के जूते के नीचे दबकर
नहीं रह सकते। हमें चाहिए पूरी तरीके से
आजादी। मैं आप लोगों को एक मंत्र देता
हूं। इसे अपने दिल में बसा लो और इसे अपनी
हर सांस में याद रखना। यह मंत्र है डू और
डाई। करो या मरो। अब या तो हम इंडिया को
आजाद देखेंगे या फिर इस कोशिश में मारे
जाएंगे। लेकिन इस गुलामी में अब हम और
नहीं जिएंगे।
है दोस्तों क्विट इंडिया मूवमेंट की भारत
छोड़ो आंदोलन। ब्रिटिश सरकार जानती थी
इसके बारे में और कुछ महीने पहले से ही
ब्रिटिश राज की होम डिपार्टमेंट काम कर
रही थी एक थ्री स्टेज प्लान पर इस मूवमेंट
को खत्म करने के लिए। स्टेज वन
प्रोपेगेंडा का इस्तेमाल किया जाए। पूरे
मीडिया पर इस तरीके से कंट्रोल बनाया जाए
कि कोई भी अखबार इसकी खबर ही ना छाप पाए।
स्टेज टू, कांग्रेस ऑर्गेनाइजेशंस के
दफ्तरों पर रेड मारकर उनके फंड्स सीज कर
लेना और कांग्रेस के सारे लीडर्स को
अरेस्ट कर लेना। स्टेज थ्री, मास मूवमेंट
को सप्रेस करने के लिए इमरजेंसी पावर्स का
इस्तेमाल करना, कांग्रेस के लीडर्स को
एंटी नेशनल घोषित कर देना। और इस तरीके से
मूवमेंट को शुरू होने से पहले ही खत्म कर
देना। अगला दिन नाइन्थ अगस्त महात्मा
गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभ
भाई पटेल, मौलाना आजाद और सारे टॉप लीडर्स
कांग्रेस के। इन्हें अरेस्ट करके जेल में
डाल दिया जाता है। अगले कई सालों तक ये
लीडर्स जेल से बाहर नहीं आने थे। फिर सवाल
यह कि इस मूवमेंट को कैसे आगे बढ़ाया जाए?
आज के वीडियो में आप इंस्पिरेशन की एक
जबरदस्त दास्ता सुनेंगे। इतनी सख्ती और
मुश्किलों के बीच आखिर कैसे इंकलाब का
नारा देश के कोने-कोने तक पहुंचता है और
कौन वो देश में रहने वाले गद्दार थे जो
ब्रिटिश की साइड लेते हैं इस मूवमेंट के
दौरान। आइए समझते हैं क्विट इंडिया
मूवमेंट को गहराई से आज के इस वीडियो में।
इस मूवमेंट के शुरू होने से एक्सजेक्टली 2
साल पहले की बात है। 8th अगस्त साल 1940
ब्रिटिश राज ने वायसरॉय लिनथ गो के द्वारा
एक ऑफर पेश किया था इंडियन फ्रीडम फाइटर्स
को। इसे नाम दिया जाता है अगस्त ऑफर।
इसमें इन्होंने कहा कि हम इंडियंस की
रिप्रेजेंटेशन बढ़ाएंगे ब्रिटिश इंडिया
सरकार में। असल में बात क्या थी कि यह वह
समय था जब वर्ल्ड वॉर टू बड़े जोर शोर से
चल रही थी यूरोप में। जर्मनी का डिक्टेटर
एडोल्फ हिटलर एक के बाद एक देश को
सक्सेसफुली इनवेड किए जा रहा था और
ब्रिटेन इकलौता देश खड़ा था उसके खिलाफ।
यूके में मौजूद ब्रिटिश सरकार बड़ी मुसीबत
में थी और बड़ी डेस्पिरेट थी जहां से मदद
मिल सके वहां से ली जाए। हालांकि इंडियन
सोल्जर्स ऑलरेडी ब्रिटिश की तरफ से लड़
रहे थे वर्ल्ड वॉर टू में लेकिन ब्रिटिश
चाहती थी कि इंडियंस की तरफ से और ज्यादा
कोऑपरेशन हो। इसलिए उन्होंने सोचा इंडियंस
को मनाने के लिए हम एक ऑफर देते हैं। इस
समय तक कांग्रेस ने ठान ली थी कि वह
छोटे-मोटे ऑफर्स एक्सेप्ट नहीं करेंगे। वह
पूरी तरीके से आजादी चाहते हैं। उन्होंने
कहा कि अगर ब्रिटिश सरकार चाहती है इंडिया
कोऑपरेट करें उनके साथ इस वॉर में तो
इंडिया को पूरी तरीके से आजादी देनी होगी।
तो यह अगस्त ऑफर फेल रहता है। इसके बाद
मार्च 1942 में ब्रिटेन के द्वारा एक और
डेलीगेशन भेजी जाती है। इसे नाम दिया जाता
है क्रिप्स मिशन। क्योंकि उस वक्त के लीडर
ऑफ हाउस ऑफ कॉमन थे स्टैफोर्ड क्रिप्स। इस
मिशन का मकसद था इंडिया को आजादी देना
वर्ल्ड वॉर टू खत्म होने के बाद। लेकिन
क्रिप्स मिशन में जो ऑफर दिया जाता है
ब्रिटिश की तरफ से वो फुल फ्रीडम का नहीं
होता बल्कि डोमिनियन स्टेटस का होता है।
क्रिप्स के ऑफर में इंडिया एक ऑटोनॉमस
रीजन बन जाएगा ब्रिटिश कॉमनव्थ के अंडर।
यह थोड़ा बेटर ऑफर था पिछले वाले से लेकिन
कांग्रेस ने इसे भी आउटराइटली रिजेक्ट कर
दिया। उन्होंने अपना मकसद साफ बताया पूरी
तरीके से आजादी। अब तक कांग्रेस के लीडर्स
इन ऑफर्स और नेगोशिएशन से तंग आ चुके थे।
完整字幕可在视频播放器中查看
评论 (0)
登录后评论互动模式
测验
正确答案:
相关视频
Mobile Password Short Film | Mother Daughter Relationship Hindi Short Movies | Content Ka Keeda
The Great Indian Kapil Show - First Time Ever "Aamir Khan" | Bacha Hua Content | Kapil Sharma
टेरेस गार्डन की सैर | छत पर उगाए पौधे, सब्ज़ियाँ और फल | Terrace Garden Tour Video In India In Hindi
जुगाड़ू मोमोज वाला | Jugaadu Momos Wala | Hindi Kahani | Moral Stories | Cartoon Video |Kahani |Story
Classic Serials Of Doordarshan Kachchi Dhoop Unknown Facts_Bhagyashree Ashutosh Gowarikerका TV Debut
Dhruv Rathee
测验
正确答案:
观看视频时会出现测验
记忆技巧
来自此视频
免费开始学语言