The video owner has disabled playback on external websites.
This video is no longer available on YouTube.
This video cannot be played right now.
Watch on YouTube
Débloquez les outils d'apprentissage IA
Inscrivez-vous pour accéder à des outils puissants qui vous aident à apprendre plus vite avec chaque vidéo.
FOCUS | जुनून की आग जलाने वाला वीडियो | Motivational Video | Dr Vivek Bindra
Statistiques d apprentissage
Niveau CECRL
Difficulté
Sous-titres (260 segments)
हे आपका स्वागत है। मैं विवेक बिंद्रा
मोटिवेशन स्पीकर और बिज़नेस कोच। थोड़ी
एनर्जी तेज़ है आज। बात करूंगा सरदार
मिल्खा सिंह की। इस वीडियो के बाद जिंदगी
में आपका फोकस कभी घटेगा नहीं। याद रखिए
सरदार मिल्खा सिंह कोई रेस में तेज नहीं
थे। वह भागते तेज नहीं थे। उनकी सफलता का
कारण था उनके पास ना हर बार कोई ना कोई
गोल था। पहली बार सरदार मिल्खा सिंह।
क्यों जीते? इसलिए नहीं जीते कि भागते तेज
थे। इसलिए जीते क्योंकि उनको दूध का गिलास
चाहिए था। कोच बोला उनको ओए फटीग माफ हो
जाएगा और एक्स्ट्रा डाइट के लिए बड़ा गिलास
दूध का मिलेगा। रेश में भाग नहीं पा रहे
थे। पेट में दर्द हो गया। नीचे गिर गए।
दोस्त बोला ओए भाग ओए ओ दूध मिलेगा। ओ दूध
दूध दूध दूध दूध दूध दूध दूध दूध दूध दूध।
दिमाग में ना एक क्लियर फोकस आ गया था। ये
फोकस बड़ी कमाल की चीज है जी।
ओए फटीग छोड़ तन्ने दूध मिलेगा।
जिधर आपका फोकस है आप वही बन जाते हैं।
जहां आप फोकस करते हैं जैसा फोकस इज योर
लाइफ। बिल गेट्स बोलते थे मेरी सफलता का
कारण क्या है? मैंने बड़ी कम चीजों पे
फोकस किया।
और उसके बाद दूसरी बार रेस इसलिए नहीं
जीते कि भागने में तेज थे। इसलिए जीते
क्योंकि उनको इंडिया की जैकेट पहननी थी।
फितूर सवार हो गया दिमाग में। इंडिया की
जैकेट पहनूंगा। ओय जी मैं इंडिया की जैकेट
पहनूंगा।
चैंपियन मिल्का सिंह हाजिर हो।
थप्पड़ खाया इस चक्कर में, बेइज्जती सही
इस चक्कर में, बाद में कई लोगों ने उनको
पीटा भी, घपाव में घाव हो गए। सब ने मना
किया रेस में मत भाग लेकिन इंडिया की
जैकेट, इंडिया की जैकेट। दिमाग में फितूर
सवार हो गया। इंडिया की जैकेट चाहिए।
त्रासदी ये नहीं कि आप गोल अचीव नहीं कर
पाए। आपसे बात कर रहा हूं। आपकी जिंदगी की
त्रासदी ये नहीं है कि आप गोल नहीं अचीव
कर पाए। आपकी जिंदगी की त्रासदी तो ये है
कि आप कभी गोल ही नहीं बना पाए। सरदार
मिल्खा सिंह हर बार जीते थे क्योंकि दिमाग
में गोल क्लियर हो गया था। तीसरी बार, फिर
रेस कब जीते वो। जानते हैं पाकिस्तान में
हरा करके आए थे रेस वो। हां वो क्यों जीते
जानते हैं? 45.9 का गोल उनके कोच ने उनको
लिख के दे दिया था। उसके बाद वो
ऑस्ट्रेलिया में क्योंकि बेइज्जती करा के
आए थे वहां हार गए थे वो रेस में। उस हार
के बाद 45.9
Sous-titres complets disponibles dans le lecteur vidéo
Entraînez-vous avec des exercices
Générez des exercices de vocabulaire, grammaire et compréhension à partir de cette vidéo
Commentaires (0)
Connectez-vous pour CommenterInscris-toi pour débloquer toutes les fonctionnalités
Suis ta progression, sauvegarde du vocabulaire et entraîne-toi
Mode interactif
Quiz
Rponse correcte :
Vidéos liées
5 मिनट में डिजिटल मार्केटिंग | डिजिटल मार्केटिंग क्या है? | डिजिटल मार्केटिंग सीखें | सिम्पलीलर्न
Yerdeki Yıldızlar 6
Wish your son a unique birthday. Lovely and Awesome Birthday Wishes for Son
Prime Time with Ravish Kumar: Senior Citizens' Pension of no Concern to Politicians?
Wild Alaska Wildlife | Full Episode 3 | Hindi Documentry.
Dr. Vivek Bindra: Motivational Speaker
Quiz
Rponse correcte :
Les quiz apparaissent pendant que tu regardes la vidéo
Astuce mémo
Dans cette vidéo
Apprendre les langues gratuitement