The video owner has disabled playback on external websites.
This video is no longer available on YouTube.
This video cannot be played right now.
Watch on YouTube
افتح أدوات التعلم بالذكاء الاصطناعي
سجّل للوصول إلى أدوات قوية تساعدك على التعلم أسرع من كل فيديو.
How China became a Superpower? | Case Study | Dhruv Rathee
إحصائيات التعلم
مستوى CEFR
الصعوبة
الترجمة (584 مقاطع)
नमस्कार दोस्तों चाइना आज के दिन दुनिया
के सबसे पावरफुल देशों में से है लेकिन
क्या आप इमेजिन कर सकते हो आज से सिर्फ 40
साल पहले इस देश में पॉवर्टी रेट 90 पर से
ज्यादा था गरीबी और भुखमरी ने पूरे देश
में बुरा हाल कर रखा
था लेकिन फिर अगले 30 सालों में एक ऐसा
भयंकर ट्रांसफॉर्मेशन देखने को मिला कि यह
देश कहां का कहां पहुंच गया साल 1978 में
ग्लो ग्लोबल जीडीपी में चाइना का
कंट्रीब्यूशन सिर्फ 2 पर था आज के दिन
चाइना 18 पर से ज्यादा कंट्रीब्यूशन देता
है ग्लोबल जीडीपी में इनका पॉवर्टी रेट अब
1 पर से भी कम है और चाइना दुनिया की
सेकंड लार्जेस्ट इकॉनमी है कई माइनों में
इसे एक सुपर पावर देश कंसीडर किया जा सकता
है लेकिन ऐसा कैसे पॉसिबल हो पाया क्या
जादू यहां देखने को मिला आइए आज के वीडियो
में करते हैं एक डिटेल केस स्टडी चाइना के
ऊपर चाइना वा इमर्जिंग फम इट कल्चरल लशन ए
वन ऑफ द वल्ड प नेशन 1978 दंग श पिंग हैड
आइडिया वन दै व टन कम्युनिस्ट चाइना ऑन
इट्स हेड सस देन चना मेड
एक्स्ट्राऑर्डिनरी स्ट्रा इन दे व्यूज सो
हा वन ऑ द वर्ल्ड पोरे कंट्रीज बिकम अ
ग्लोबल सुपर इन जस्ट फोर डेडस चाइना देश
का नाम आता है दोस्तों एक चाइनीज शब्द चिन
से इसे लिखा क्यूआई एन करके जाता है लेकिन
प्रोनाउंस चिन किया जाता है चिन एक पुरानी
डायनेस्टी का नाम था जिसने आज से करीब
2000 साल पहले चाइना पर राज किया था और
चाइना को यूनिफाई किया था अब यही कारण है
कि हम चाइनीज लोगों को हिंदी में अक्सर
चीनी करके पुकारते हैं जो चीन से आया है
चीनी और एक और इंटरेस्टिंग फैक्ट यहां पर
जो एक्चुअली में चीनी होती है रिफाइंड
शुगर माना जाता है इंडिया में पहली बार
वाइट रिफाइंड शुगर एक चाइनीज आदमी ही लेकर
आया था एक चाइनीज आदमी ने या तो शुगर
मिल्क खोली थी या चाइना के रूट से ही आई
थी उससे पहले हम बस शक्कर और गुड़ का
इस्तेमाल किया करते थे तो क्योंकि एक चीनी
लेकर आया था तो हमने उसे चीनी बुलाना शुरू
कर दिया एक और इंटरेस्टिंग फैक्ट यहां पर
चाइनीज लोग अपने देश को चाइना करके नहीं
बुलाते हैं वो अपने देश के लिए शब्द
इस्तेमा माल करते हैं चोओ इसका मतलब होता
है मिडिल किंगडम ये सिंबलाइज करता है
चाइना की 4000 साल पुरानी हिस्ट्री को कि
कैसे चाइना दुनिया का सेंटर हुआ करता था
मिडल में होता था नक्शे पर देखा जाए चाइना
दुनिया की फोर्थ लार्जेस्ट कंट्री है
इंडिया को बॉर्डर करता है ये देश लेकिन
ज्यादातर पॉपुलेशन जो है चाइना की वो
एक्चुअली में इंडिया से काफी दूर ईस्ट
कोस्ट पर रहती है ऐसा इसलिए क्योंकि जो
फर्टाइल जमीन है जहां पर खेती करी जा सकती
है वो उसी एरिया में ज्यादा मौजूद है
वेस्ट में हिमालया की पहाड़ियां और
रेगिस्तान है अपने साइज के चलते चाइना एक
बहुत सक्सेसफुल और ताकतवर किंगडम हुआ करता
था 19 सेंचुरी तक और उसके बाद असर देखने
को मिला कॉलोनियलिज्म का हालांकि ब्रिटिश
राज ने कभी चाइना के ऊपर पूरी तरीके से
कब्जा नहीं जमाया जैसे इंडियन
सबकॉन्टिनेंट के ऊपर जमाया था लेकिन फिर
भी चाइना को अलग-अलग तरीकों से लूटा
गया यही कारण है कि 1839 से लेकर 1949 तक
का जो पीरियड है इसे सेंचुरी ऑफ ह्यूमिन
बुलाया जाता है चाइनीज के द्वारा इसकी
शुरुआत होती है साल 1839 में जब ब्रिटिश
ईस्ट इंडिया कंपनी चाइना पर ओपीएम की
बौछार करती अफीम एक ड्रग जिससे चाइनीज लोग
बुरी तरीके से एडिक्टेड हो जाते हैं और
पूरी चाइनीज सोसाइटी तबाह हो जाती है इसके
बाद कई ट्रीटीज साइन करवाई जाती है चाइना
से जबरदस्ती जिसमें चाइना को अपनी जमीन
अपने पोर्ट्स ब्रिटिश के हवाले करने पड़ते
हैं फिर 1850 में एक भयंकर सिविल वॉर होती
है चाइना में टाइपिंग
रिबेलियस आगे फास्ट फॉरवर्ड करो तो
मैं ज्यादा डिटेल्स में नहीं जाऊंगा लेकिन
इस वक्त चाइना पर चिन डायनेस्टी राज कर
रही थी इसे उस वाली चिन डायनेस्टी से मत
कंफ्यूज कीजिए जहां से इसका नाम आया था वो
वाली चीन डायनेस्टी 2000 साल पुरानी थी ये
वाली चीन डायनेस्टी का नाम क्यू आई एनजी
है उसमें सिर्फ क्यू आई एन था प्रोनाउंस
एशन सेम है 1937 से लेकर 1945 के बीच में
और भी भयानक अत्याचार सहना पड़ता है
चाइनीज लोगों को इस बारी जैपनीज
कॉलोनाइजर्स के हाथों वर्ल्ड वॉर टू वाले
वीडियो में मैंने एक्सप्लेन किया था कि
कैसे चाइना एलाइज पावर का हिस्सा था ज के
खिलाफ लड़ रहा था इस वर्ल्ड वॉर टू में
करीब 30 मिलियन चाइनीज लोग मारे जाते हैं
इस सब के बीच एक उम्मीद की किरण देखने को
मिलती है जब चाइना फाइनली वर्ल्ड वॉर टू
जीत जाता है एलाइड फोर्सेस के साथ जापान
पीछे हट जाता है लेकिन वॉर खत्म होते ही
तुरंत चाइना में एक सिविल वॉर सामने आती
है चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी और नेशनलिस्ट
पार्टी केएमटी के बीच में लड़ी जा रही वॉर
इसकी शुरुआत तो साल 1927 में ही हो गई थी
लेकिन जब जापान ने इवेडर वर्ल्ड वॉर टू के
दौरान तब इन्होंने लड़ना बंद कर दिया था
टेंपरेरिली ये सिविल वॉर खत्म होती है साल
1949 में चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी की जीत
के साथ जो नेशनलिस्ट पार्टी थी उसके लोग
बगल के आईलैंड पर भाग जाते हैं जिसे आज के
दिन ताइवान का देश बुलाया जाता है और जो
मेन लैंड चाइना का देश है वहां राज शुरू
होता है माओ जेडो का यही वो पॉइंट है
दोस्तों जहां से आप कह सकते हो कि चाइना
एज अ कंट्री की शुरुआत हुई फर्स्ट अक्टूबर
1949 पीपल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना का जन्म
होता है द लीडर ऑफ द कनि एंड दरो ऑफ लशन
الترجمة الكاملة متاحة في مشغل الفيديو
تدرّب مع التمارين
أنشئ تمارين مفردات وقواعد وفهم من هذا الفيديو
التعليقات (0)
تسجيل الدخول للتعليقالوضع التفاعلي
اختبار
الإجابة الصحيحة:
فيديوهات ذات صلة
Moondru Mudichu - Highlights 2 | 10 Mar 2026 | Tamil Serial | Sun TV
colonialism, उपनिवेशवाद , भारत पर उपनिवेशवाद का प्रभाव व विशेषता
Guru Randhawa: Ik Gera Video | Vee | Tara Mira | New Song 2019 | T-Series
CGI Animated Short Film: "Ice Cream" by Super Dope | @CGMeetup
7 Mind-Blowing Proofs of God from Hindu Philosophy! 🕉
Dhruv Rathee
اختبار
الإجابة الصحيحة:
تظهر الاختبارات أثناء مشاهدة الفيديو
نصيحة للحفظ
من هذا الفيديو
ابدأ تعلم اللغات مجاناً