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B1 Intermediário Hindi 22:54 Educational

Laal Singh Chaddha Boycott | Is Aamir Khan Anti-Hindu? | PK | Dhruv Rathee

Dhruv Rathee · 9,157,052 visualizações · Adicionado há 3 semanas

Estatísticas de aprendizado

B1

Nível CEFR

5/10

Dificuldade

Legendas (637 segmentos)

00:00

नमस्कार दोस्तों, आइए बात करते हैं लाल

00:02

सिंह चड्डा के पॉलिटिकल इशू के बारे में।

00:05

सही सुना आपने। लाल सिंह चड्डा कोई साधारण

00:07

फिल्म नहीं रहेगी। देश में यह एक पॉलिटिकल

00:09

इशू बन चुका है। पिछले दो-तीन हफ्तों से

00:12

Twitter पर रोज ट्रेंड चल रहे हैं इसको

00:14

लेकर। जितनी चर्चा इस फिल्म की की गई है

00:16

इस साल में शायद ही किसी और फिल्म की करी

00:18

गई है। एक तरफ बाहरी नारे लग रहे हैं इसे

00:20

बॉयकॉट करने के। आमिर खान को हिंदू फोबिक

00:22

और एंटीनेशनल घोषित किया जा रहा है। दूसरी

00:24

तरफ कुछ लोग इस फिल्म को भरपूर प्यार भी

00:26

दे रहे हैं। जैसे कि मुझे तो बहुत बढ़िया

00:28

लगी ये फिल्म। मेरी राय में ये एक मस्ट

00:29

वॉच फिल्म है। लेकिन ये जो हिंदू फोबिया

00:32

की बात करी जा रही है ये पीके फिल्म से

00:34

शुरू हुई थी ये बात। ये बॉयकॉट्स और ये

00:36

ट्रोलिंग इन चीजों को थोड़ा गहराई से

00:38

देखते हैं आज के वीडियो में।

00:40

लाल सिंह चड्डा एंड रक्षाबंधन बोथ फिल्म्स

00:42

हैव रिकॉर्डेड पुअर ओपनिंग्स।

00:44

लाल सिंह चड्डा मूवी देखने के लिए आए हैं।

00:46

सर उसका बहिष्कार कीजिए।

00:48

अ प्रोटेस्ट ब्रोक आउट एट अ मोल इन जालंधर

00:51

अगेंस्ट दिस फिल्म एलेजिंग दैट द फिल्म

00:54

हैज़ हर्ट द रिलीजियस सेंटीमेंट। अगर मैंने

00:56

किसी का दिल दुखाया है किसी चीज से तो

00:58

मुझे उस बात का दुख है और मैं किसी का दिल

01:01

नहीं दुखाना चाहता हूं।

01:03

[संगीत]

01:06

देशभक्त और देशद्रोही एक समय हुआ करता था

01:09

दोस्तों जब ये दोनों शब्द बड़े हैवी शब्द

01:12

हुआ करते थे। जब कोई इन शब्दों का

01:14

इस्तेमाल करता था तो कुछ मायने होते थे

01:16

उसके कि इनसे मिली ये एक बड़े देशभक्त

01:19

टाइप के इंसान हैं। कोई बड़े ब्रेव आर्मी

01:21

ऑफिसर हैं या कोई सोशल वर्कर जिन्होंने

01:23

हजारों पेड़ प्लांट कर दिए हो या कोई

01:25

एक्टिविस्ट जो किसी सोशल इवल के खिलाफ लड़

01:27

रहे हैं। और सिमिलरली देशद्रोही और गद्दार

01:29

शब्द भी बड़े हैवी शब्द हुआ करते थे।

01:31

इससे पहले कि मैं तुझे गद्दार करार देकर

01:34

गोली मार दूं।

01:36

भाग जा यहां से। जब भी आप देशद्रोही या

01:38

गद्दार शब्द को सुनते थे तो आपके दिमाग

01:40

में जो पिक्चर आती थी एक ऐसे इंसान की आती

01:43

थी जिसने कोई मान लो टॉप मिलिट्री

01:45

सीक्रेट्स किसी दुश्मन देश को लीक कर दिए

01:47

हो या कोई स्पाई कर रहा हो किसी दुश्मन

01:49

देश के लिए लेकिन आज के दिन क्या हो गया

01:51

है ये देशभक्त और देशद्रोही होने के

01:53

सर्टिफिकेट्स बल्क में बांटे जाते हैं। यह

01:55

देशद्रोही वो देशभक्त तू देशद्रोही आपका

01:58

कोई स्कूल का दोस्त हो वो भी देशद्रोही

02:00

निकल जाता है। कोई आपका पड़ोसी कुछ कह दे

02:03

अपनी राय दे दे किसी चीज पर वो भी

02:04

देशद्रोही निकल जाता है। एक्चुअली में

02:06

कंडीशन काफी सिंपल है। अगर आप एक

02:08

पर्टिकुलर पॉलिटिकल पार्टी का नैरेटिव

02:11

फॉलो कर रहे हैं, उसके साथ चल रहे हैं, तो

02:13

आपको देशभक्त होने का सर्टिफिकेट मिल जाता

02:15

है। अगर आप उस नैरेटिव के खिलाफ कुछ भी कर

02:17

दें तो आपको देशद्रोही बता दिया जाता है।

02:19

फॉर एग्जांपल इस इंसान को ही ले लीजिए। यह

02:22

जेनोसाइड की बातें करता है एक कम्युनिटी

02:24

के खिलाफ। औरतों के बारे में बड़ी चीप

02:25

चीजें कहता है। यहां तक कि तिरंगे को

02:28

बॉयकॉट करने की भी बात करने लग रहा है।

02:29

लेकिन ना तो यह जेल में है और ना ही इसे

02:32

किसी ने देशद्रोही कहा। क्यों? क्योंकि यह

02:34

एक पर्टिकुलर पॉलिटिकल पार्टी के नैरेटिव

02:36

के फेवर में बात करता है। लेकिन जरा सोच

02:39

कर देखिए नसीरुद्दीन शाह जितने बड़े

02:41

कलाकार उन्हें देशद्रोही का लेबल कैसे मिल

02:44

गया? एक इंसिडेंट हुआ था आज से कुछ साल

02:46

पहले बुलंदशहर के पास जहां पर एक गांव में

02:48

तीन गाय की लाशें पाई गई। इसके बाद एक

02:49

भीड़ ने जिसे एलिजिडली लीड किया जा रहा था

02:51

बजरंग दल के मेंबर्स के द्वारा। उन्होंने

02:53

जाकर एक पुलिस थाने पर आग लगा दी। फिर

02:55

दंगे देखे गए। कुछ गाड़ियों पर भी आग लगाई

02:57

गई और फिर गन फायर हुई जिसमें एक पुलिस

02:59

इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या हो

03:01

गई। साथ में एक स्टूडेंट सुमित कुमार भी

03:03

मारे गए। और जो एडिशनल सुपरिंटेंडेंट थे

03:06

पुलिस के उन्होंने स्टेटमेंट दी इस

03:08

इंसिडेंट के बाद कि काऊ किलर्स आर अ टॉप

03:10

प्रायोरिटी। जो मर्डर और राइटिंग हुई उसे

03:12

हम बाद में देखेंगे पहले हम गाय के

03:14

हत्यारों को पकड़ेंगे। तो हुआ ये था कि

03:16

नसरुद्दीन शाह बड़े शॉक हो गए इस इंसिडेंट

03:18

को देखकर और उन्होंने कहा कि गाय की हत्या

03:21

के ज्यादा मायने हैं एक इंसान की हत्या के

03:24

कंपैरिजन में। एज एन इंडियन इस बात को

03:26

सुनकर उन्हें बड़ी चिंता होती है और इसी

03:29

चीज को लेकर उन पर देशद्रोही का लेबल लगा

03:31

दिया गया क्योंकि ऐसी बातें बोलना एक

03:33

पर्टिकुलर पॉलिटिकल पार्टी के नैरेटिव के

03:35

खिलाफ जाता है। रवश कुमार को ही ले लीजिए

03:38

मीडिया का काम है असली इश्यूज पर बात करना

03:40

जो प्रॉब्लम्स हैं देश में उन्हें हाईलाइट

03:41

करना ताकि उन्हें सुधारा जा सके। तो रवश

03:43

कुमार जब इन्फ्लेशन, अनइंप्लॉयमेंट,

03:45

पब्लिक यूनिवर्सिटीज, जॉब्स जैसे इशूज़ पर

03:48

बात करते हैं। उनकी प्रॉब्लम्स को हाईलाइट

03:50

करते हैं। उन पर भी देशद्रोही का लेबल लगा

03:52

दिया जाता है। वैसे तो वो अपना काम करने

03:54

लग रहे हैं लेकिन नैरेटिव के खिलाफ बात जा

03:57

रही है। तो आमिर खान की जो पहली

03:58

कंट्रोवर्सी है उसमें भी कुछ ऐसा ही हुआ।

04:00

उनसे एक इंटरव्यू में पूछा गया कि उनकी

04:02

क्या राय है देश की सिचुएशन के बारे में।

04:05

अब अगर वो जवाब देते, ऑल इज वेल, ऑल इज

04:07

वेल।

04:08

सब चंगा सी।

04:10

तो कोई प्रॉब्लम नहीं होती। सब कुछ सही

04:12

होता उनके लिए। लेकिन प्रॉब्लम ये थी कि

04:14

उन्होंने अपने जवाब में कहा कि देश में

04:16

इनटोलरेंस बढ़ने लग रही है।

04:18

देयर हैज़ बीन अ ग्रोइंग सेंस ऑफ़

04:19

डिस्पोंडेंसी आई वुड से फॉर द फर्स्ट टाइम

04:21

किरण सेज़ शुड वी मूव आउट ऑफ इंडिया? नो

04:22

दैट शी फियर्स फॉर हर चाइल्ड शी फियर्स

04:24

फॉर यू नो व्हाट द एटमॉस्फेयर अराउंड अस

04:26

विल बी शी फील स्केयर्ड टू ओपन द

04:27

न्यूज़पेपर्स एवरीडे। ये बात सुनकर कुछ लोग

04:30

बहुत गुस्सा हुए। ऐसे कैसे बोल दिया कि हम

04:32

टोलरेंट नहीं है। हैं? इसे तो हम सबक

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