The video owner has disabled playback on external websites.

This video is no longer available on YouTube.

This video cannot be played right now.

Watch on YouTube

افتح أدوات التعلم بالذكاء الاصطناعي

سجّل للوصول إلى أدوات قوية تساعدك على التعلم أسرع من كل فيديو.

شارح المشهد صائد العبارات مراجعة البطاقات تمرين المحاكاة الرد الصوتي
سجل مجاناً
B1 متوسط الهندية 21:43 Educational

Can Humans Ever Leave the Milky Way Galaxy? | The Wormholes Explained | Dhruv Rathee

Dhruv Rathee · 13,992,265 مشاهدات · أُضيف منذ 3 أسابيع

إحصائيات التعلم

B1

مستوى CEFR

5/10

الصعوبة

الترجمة (538 مقاطع)

00:00

[संगीत]

00:03

नमस्कार दोस्तों, हमारे यूनिवर्स के बारे

00:05

में शायद सबसे कमाल की बात है इसका साइज

00:08

कि यह ब्रह्मांड कितना अनइमिनेबली बड़ा

00:12

है। लेकिन यही बात शायद सबसे निराशाजनक भी

00:15

है। खुद ही सोच कर देखो। अगर आज हम अपने

00:17

पावरफुल टेलिस्कोप्स का इस्तेमाल करके

00:19

धरती जैसा एक और प्लनेट ढूंढ भी लेते हैं

00:22

किसी गैलेक्सी में जो इंसानों के लिए रहने

00:24

लायक हो, वहां तक पहुंचने में सदियां लग

00:26

जाएंगी। इनफैक्ट किसी भी एक इंडिविजुअल

00:29

इंसान के लिए यह गैलेक्सी छोड़कर जाना

00:31

इंपॉसिबल है। आप सब जानते हैं कि धरती

00:33

मिल्की वे गैलेक्सी में है और मिल्की वे

00:35

के जो सबसे करीब गैलेक्सी है वो है

00:38

एंड्रोमीडा गैलेक्सी। अप्रोक्सिममेटली 2.5

00:41

मिलियन लाइट इयर्स दूर है धरती से। तो अगर

00:43

हम एक स्पेसक्राफ्ट का इस्तेमाल करें वहां

00:45

तक जाने के लिए यूजुअल स्पीड होती है एक

00:47

स्पेसक्राफ्ट की 28,000 कि.मी. प्रति

00:50

घंटा। इस स्पीड से वहां तक जाने में 94.5

00:53

बिलियन इयर्स लग जाएंगे। इतना ही नहीं अगर

00:56

किसी तरीके से हम टेक्नोलॉजी बना लेते हैं

00:58

लाइट की स्पीड पर ट्रैवल करने की तो भी

01:01

वहां पर पहुंचने में 2.5 मिलियन इयर्स का

01:04

समय लग जाएगा। यह बात सही मायनों में

01:07

निराश कर देने वाली है। आखिर क्या तुक बना

01:09

यह सारे प्लनेट्स ढूंढने का जब हम वहां पर

01:11

कभी ट्रैवल ही नहीं कर पाएंगे। लेकिन अगर

01:14

एक शॉर्टकट रास्ता हो गैलेक्सी के बाहर तक

01:16

ट्रैवल करने का। एक ऐसा शॉर्टकट जिसके

01:19

जरिए हम यह मिलियन लाइट इयर्स का सफर कुछ

01:22

महीनों में ही तय कर लें। तब यह बातें

01:24

जरूर दिलचस्प बन जाती है। यह शॉर्टकट्स

01:27

हैं दोस्तों वार्म

01:29

[संगीत]

01:35

होल्स। साल 2014 की फिल्म इंटरस्टेलर मेरी

01:38

फेवरेट स्पेस फिल्म एक बार फिर से मैं

01:40

यहां इसका मेंशन करना चाहूंगा। इस फिल्म

01:42

में दिखाया गया है कि कूपर और उनकी टीम जब

01:45

धरती छोड़कर निकलती है और हैबिटेबल

01:47

प्लेनेट्स की तलाश में। धरती जैसे ही और

01:49

प्लेनेट्स की खोज में तो वह दूसरी

01:51

गैलेक्सी में ट्रैवल करते हैं। अपनी

01:53

गैलेक्सी से दूसरी गैलेक्सी में वो

01:55

पहुंचते हैं एक वार्म होल के जरिए कुछ ही

01:58

मिनटों के अंदर। यह फिल्म का वो सीन है जब

02:01

कूपर की टीम वार्म होल से गुजरती है।

02:03

फिल्म के अनुसार इस वार्म होल को डिस्कवर

02:05

किया गया था सैटर्न के ऑर्बिट के पास नासा

02:08

के द्वारा। इसे फिल्म में कई बार मेंशन

02:10

किया जाता है क्योंकि आगे चलकर यह फिल्म

02:11

के प्लॉट में एक बड़ा इंपॉर्टेंट रोल

02:13

निभाता है। लेकिन सबसे दिलचस्प बात यह है

02:15

कि वार्म होल्स का यह कांसेप्ट कोई साइंस

02:18

फिक्शन नहीं है बल्कि असल साइंस पर बेस्ड

02:20

है। क्या होते हैं वार्म होल्स एक्जेक्टली

02:22

और कैसे हम इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। यह

02:25

सब समझने से पहले हमें वापस आना पड़ेगा

02:28

आइंस्टाइन की थ्योरी ऑफ रिलेटिविटी पर।

02:30

इसकी बात मैंने ब्लैक होल्स वाले वीडियो

02:32

में भी करी थी और बेसिक कांसेप्ट भी समझा

02:34

दिया था उस वीडियो में। अब थोड़ा और डीप

02:36

चलते हैं इसके अंदर। जब अल्बर्ट आइंस्टाइन

02:39

ने अपनी थ्योरी ऑफ रिलेटिविटी लिखी तो इसे

02:41

एक सेट ऑफ इक्वेशंस में लिखा था। इन

02:44

इक्वेशंस के सेट को आइंस्टाइन फील्ड

02:46

इक्वेशंस करके पुकारा जाता है। पहली बार

02:48

इन्हें पब्लिकली रिवील किया गया था 25

02:50

नवंबर साल 1915 में जब आइंस्टाइन ने अपना

02:53

पेपर सबमिट किया था टू द प्रशियन एकेडमी

02:56

ऑफ़ साइंसेस बर्लिन जर्मनी में। टोटल में

02:58

ये फील्ड इक्वेशंस 10 अलग-अलग इक्वेशन से

03:01

बनती हैं। 10 नॉन लीनियर पार्शियल

03:03

डिफरेंशियल इक्वेशंस। लेकिन इन्हें शॉर्ट

03:05

में एक इक्वेशन से भी रिप्रेजेंट किया जा

03:08

सकता है। और वो एक इक्वेशन कुछ ऐसी दिखती

03:11

है। कैपिटल g म्यू + लैम्ब्डा छोटा g म्यू

03:15

=

03:17

8πg / c द पावर 4 और t मμ चिंता मत कीजिए

03:22

इस वीडियो में हम मैथमेटिकल डिटेल्स में

03:24

नहीं जाएंगे क्योंकि इस एक इक्वेशन के

03:26

अंदर बहुत बहुत ज्यादा कॉम्प्लेक्सिटी है।

03:29

अगर इसे एक्सपैंड करते हो इस एक इक्वेशन

03:31

को तो देखो कैसी ये स्टेप्स दिखती हैं।

03:33

अगर आप मैथ्स से प्यार भी करते हो, तो भी

03:35

आपका सर चकरा जाएगा यह देखकर। मोटे-मोटे

03:37

तौर पर यह इक्वेशंस हमें बताती हैं कि

03:39

मैटर और एनर्जी कैसे स्पेस टाइम के

03:42

कर्वेचर को इन्फ्लुएंस करते हैं। अल्बर्ट

03:44

आइंस्टाइन ने कहा था इस चीज को विजुअलाइज

03:46

करने के लिए इमेजिन करो एक बड़ा सा मेश

03:48

है। इस मेश के ऊपर जब आप ऑब्जेक्ट्स रखते

03:50

हो, यह वजन से नीचे बेंड डाउन हो जाता है।

03:53

जो स्पेस टाइम का मेश है, वो भी कुछ इसी

03:55

तरीके से बेंड हो जाता है। कर्व हो जाता

03:57

है। बड़े-बड़े प्लनेट्स और स्टार्स के वजन

04:00

से। जितना ज्यादा ग्रेविटेशनल फोर्स होगा

04:02

किसी प्लनेटरी ऑब्जेक्ट का उतना ही ज्यादा

04:05

यह स्पेस टाइम का मेश कर्व हो जाएगा उनके

04:07

अराउंड। अब इंटरेस्टिंग बात यह है कि

04:09

अल्बर्ट आइंस्टाइन खुद से अपनी फील्ड

04:11

इक्वेशंस को पूरी तरीके से सॉल्व नहीं कर

04:13

पाए थे। उन्होंने बस एक अप्रोक्समेट

04:15

सॉल्यूशन निकाला था अपनी इक्वेशन का एक

04:17

स्पेसिफिक केस में। पहले इंसान जिन्होंने

04:20

इन फील्ड इक्वेशंस को सॉल्व किया था वो थे

04:22

कार्ल श्वथ्स चाइल्ड साल 1916 में।

الترجمة الكاملة متاحة في مشغل الفيديو

تدرّب مع التمارين

أنشئ تمارين مفردات وقواعد وفهم من هذا الفيديو

المفردات والقواعد اختبار الفهم اختبار IELTS ممارسة الكتابة
سجل للممارسة
لا توجد تعليقات بعد. كن أول من يشارك أفكاره!

سجّل لفتح جميع الميزات

تابع تقدّمك، احفظ المفردات، وتمرّن على التمارين

ابدأ تعلم اللغات مجاناً