The video owner has disabled playback on external websites.
This video is no longer available on YouTube.
This video cannot be played right now.
Watch on YouTube
Desbloqueie ferramentas de aprendizado com IA
Cadastre-se para acessar ferramentas poderosas que ajudam a aprender mais rápido com cada vídeo.
NASA’s Search for Aliens | The Voyager Missions | Dhruv Rathee
Estatísticas de aprendizado
Nível CEFR
Dificuldade
Legendas (627 segmentos)
नमस्कार दोस्तों क्या इस पूरे ब्रह्मांड
में हम इंसान अकेले
हैं या फिर हमारे अलावा भी कहीं और कोई
इंटेलिजेंट लाइफ मौजूद
है अगर एलियंस सही में एजिस्ट करते हैं तो
यह सोचना बड़ा स्वाभाविक है कि शायद
एलियंस के मन में भी ऐसे ही सवाल उठते
होंगे कि कहीं इस यूनिवर्स में वो अकेले
तो नहीं हमारे यूनिवर्स में दो इंटेलिजेंट
स्पीशीज के बीच में कम्युनिकेशन कैसे
बनाया जाए इसी सोच को ध्यान में रखते हुए
नासा ने कई प्रोजेक्ट शुरू किए ताकि हम
किसी तरह एलियंस को एक संदेश भेज सके ये
साल 1977 की बात है कि नासा ने अपना वॉयर
वन स्पेसक्राफ्ट लॉन्च किया और उसका मिशन
क्लीयरली डिफाइन किया हमारा सोलर सिस्टम
यानी सौरमंडल की खोज को बाहरी प्लेनेट के
आसपास से लेकर सूर्य के प्रभाव क्षेत्र की
भारी सीमाओं तक और शायद उससे भी आगे तक
बढ़ाना सिंपल भाषा में कहा जाए तो यह एक
इंटरस्टेलर मिशन था हमारी मिल्की हु
गैलेक्सी में करोड़ों अरबों सोलर सिस्टम्स
हैं इन सोलर सिस्टम्स के बीच में जो जगह
हैं उसे इंटर स्टेलर स्पेस कहा जाता
है आज के दिन तक
nas100 2 और न्यू होराइजन और इन पांच में
से सिर्फ दो ही एक्चुअली में इंटरस्टेलर
स्पेस तक पहुंच पाए हैं क्योंकि सोलर
सिस्टम को छोड़कर जाने में बहुत-बहुत लंबा
समय लगता है और यह दो जो छोड़कर जा पाए
हैं ये दो बड़े खास हैं वॉयर वन और वॉयर ू
इन्होंने सोलर सिस्टम की एक ऐसी सैर लगाई
कि हमें जुपिटर सैटर्न यूरेनस और नेप्ट की
एक कमाल की फोटोज मिल पाई आज के दिन तक
वॉयर टू इकलौता स्पेसक्राफ्ट है जो यूरेनस
और नेप्ट के पास गया है और वॉयर वन का सफर
तो इतना लंबा रहा है कि ऑफिशियल धरती से
सबसे दूर पहुंचने वाला मैन मेड ऑब्जेक्ट
बन चुका है एज ऑफ अक्टूबर 2024 ये
24.7 बिलियन किलोमीटर दूर है धरती से
लेकिन इन दोनों वॉयज की सबसे दिलचस्प बात
तो यही है कि इनमें मौजूद हैं एलियंस के
लिए ढेर सारे मैसेजेस
जिनको साथ लिए यह अंतरिक्ष में घूम रहे
हैं यह मैसेजेस जो इस उम्मीद से भेजे गए
कि शायद हमारी कभी मुलाकात एलियन से हो और
इन संदेशों के जरिए हम उन्हें अपने बारे
में कुछ बता सके व स्प आउट ऑफ आ सोलर
सिस्टम इनटू द
यर्स आखिर क्या छिपा है इन पिटर में क्या
है वह संदेश इंसानों की तरफ से जो नासा
एलियंस को बताना चाहती है आइए जानते हैं
वॉयर मिशंस की पूरी कहानी आज के इस वीडियो
में
[संगीत]
ये साल 1965 की बात है दोस्तों कि नासा
में काम करने वाले एक इंजीनियर ने नोटिस
किया कि हमारे सोलर सिस्टम के आखिरी चार
प्लेनेट जुपिटर सैटन यूरेनस और नेप्ट एक
बड़ी ही अनोखी ज्योमेट्री अरेंजमेंट में आ
जाएंगे लेट 1970 के समय में एक ऐसी अनोखी
अरेंजमेंट जो 175 सालों में सिर्फ एक बार
आती है इस अरेंजमेंट का मतलब था कि एक ऐसा
स्पेसक्राफ्ट भेजा जा सकता था जो इन चारों
प्लेनेट के ग्रेविटेशनल फोर्स का फायदा
उठाकर इन चारों प्लेनेट के पास से गुजर
जाए बहुत कम फ्यूल और समय इस्तेमाल करते
हुए इस प्रिंसिपल को ग्रेविटी असिस्ट कहा
जाता है किसी प्लेनेट या स्पेस में मौजूद
किसी और ऑब्जेक्ट के मास का इस्तेमाल करना
अपनी स्पीड और ट्रेजे क्ट्री बदलने के लिए
इसी के आधार पर नासा ने वॉर वन और वजर टू
मिशंस के प्लांस बनाए और यही कारण कि साल
1977 का ईयर चुना गया इन दोनों
स्पेसक्राफ्ट्स को लॉन्च करने के लिए मिशन
के अनुसार वजर व को जुपिटर और सैटर्न के
पास से फ्लाई बाय करना था खासकर सैटर्न के
बड़े मून टाइटन पर फोकस करते
हुए और दूसरी तरफ वजर 2 को जुपिटर सैटर्न
यूरेनस नेप्ट के पास से गुजरना था दोनों
स्पेसक्राफ्ट्स के डिजाइन की बात करें तो
एक दूसरे से काफी सिमिलर थे दोनों ही तीन
रेडियो आइसोटोप थर्मोइलेक्ट्रिक जनरेटर
द्वारा पावर्ड थे इनमें कोई सोलर पैनल्स
नहीं लगे थे क्योंकि मार्स जुपिटर को पार
करते ही सोलर एनर्जी काफी हद तक यूजलेस हो
जाती है उतनी दूर पहुंचकर सूरज की किरणों
में इतनी एनर्जी ही नहीं रह जाती कि उससे
कुछ सोलर एनर्जी निकाली जा सके और इनका
मिशन तो सोलर सिस्टम को पार करना था इसलिए
ये जो डिवाइसेज हैं ये प्लूटोनियम एलिमेंट
के रेडियो एक्टिव डीके से पावर्ड है
प्लूटोनियम जब डीके होता है तो हीट निकलती
है उस हीट को बिजली में कन्वर्ट करा जा
सकता है यहीं से ही ये नाम आता है रेडियो
आइसोटोप थर्मोइलेक्ट्रिक जनरेटर इसके
अलावा दोनों स्पेस प्रोब्स में 10
साइंटिफिक इंस्ट्रूमेंट्स लगाए गए थे
इसमें था एक टू कैमरा इमेजिंग सिस्टम
तस्वीरें खींचने के लिए एक स्पेक्ट्रोमीटर
जो जो हाइड्रोजन की एंडेंजर करता दूसरा
स्पेक्ट्रोमीटर जो अंतरिक्ष में
अल्ट्रावायलेट एक्टिविटी को मेजर करता एक
मैग्नेटोमीटर जो प्लेनेट की मैग्नेटिक
फील्ड्स को मापता एक हाई गेन एंटीना
कम्युनिकेट करने के लिए धरती के साथ और
बाकी कुछ छोटे-मोटे इंस्ट्रूमेंट्स
रेडिएशन के अलग-अलग लेवल्स को मापने के
लिए इंटरेस्टिंग चीज यह है कि वॉयर टू का
लंच वॉयर व से पहले किया जाता है 20 अगस्त
1977 में वॉयर टू लच होता
है और 16 दिन बाद 5 सितंबर 197 27 को वजर
वन का लॉन्च होता है नासा केनेडी स्पेस
सेंटर से जो रस्ता वॉयर व ने लिया वो
ज्यादा छोटा और तेज था वॉयर ट के कंपैरिजन
में तो जुपिटर के पास सबसे पहले वॉयर वन
ही पहुंचता है और मार्च 1979 में ये
जबरदस्त टाइम लैप्स इसके द्वारा लिया जाता
है ये 66 अलग-अलग फोटोस से द्वारा बनाया
गया एक टाइम लैप्स है हर एक तस्वीर जुपिटर
के एक रोटेशन पीरियड के बाद ली गई है लगभग
10 घंटे का समय लगता है जुपिटर को रोटेट
करने में ये पहली बार था कि जुपिटर और
जुपिटर के मस की इतनी क्ली कट फोटोज हमें
देखने को मिल पाई और यहीं पर डिस्कवरी हुई
जुपिटर के रिंग्स की भी बहुत से लोगों को
Legendas completas disponíveis no player de vídeo
Pratique com exercícios
Gere exercícios de vocabulário, gramática e compreensão deste vídeo
Comentários (0)
Faça Login para ComentarCadastre-se para desbloquear todos os recursos
Acompanhe seu progresso, salve vocabulário e pratique com exercícios
Modo interativo
Questionário
Resposta certa:
Vídeos relacionados
क्या दिमाग की ये खोज इंसानो का भविष्य बदल सकती है? Science Of Human Brain And Latest Researches
syllabus review | security analysis & Portfolio Management | 3rd SEM | MBA | vv study
ईमानदार गट्टू | ईमानदारी का ईनाम - हिन्दी कहानियाँ | Reward For Honesty | Hindi Moral Stories
How to Deal with Distractions⁉️ Vipin Sir Motivated Us: Always Choose Hard Work #pw
Viral Dance Video Muqabla Song// Viral Boy//Street dancer #video #dance #comedy
Dhruv Rathee
Questionário
Resposta certa:
Os quizzes aparecem enquanto você assiste ao vídeo
Dica de memorização
Deste vídeo
Aprenda idiomas de grátis