The video owner has disabled playback on external websites.
This video is no longer available on YouTube.
This video cannot be played right now.
Watch on YouTube
बिक्री और विपणन का गुप्त सूत्र | उपभोक्ता व्यवहार | डॉ. विवेक बिंद्रा
学习统计
CEFR 等级
难度
字幕 (409 片段)
[संगीत]
हे वापस स्वागत है आप सबका मैं विवेक
बिंद्रा मोटिवेशन स्पीकर लीडरशिप कंसलटेंट
और बिनेस कोच प्रॉब्लम सॉल्विंग वीडियो आज
लेके आया हूं आज के अगर आप बिजनेसमैन है
एंटरप्रेन्योर है कॉर्पोरेट लीडरशिप
एंटरप्रेन्योरशिप आपके लिए ये वीडियो गेम
चेंजर होने वाला है क्योंकि मैं बड़ा
अच्छा ये मेरी एक बहुत बड़ी मेरी स्ट्रेंथ
है। बहुत सारे पार्टिसिपेंट्स मुझसे
लीडरशिप फनल में आकर के पूछते हैं। क्या
पूछते हैं आप मुझसे आकर के? आप मुझसे
पूछते हैं कि क्या प्रोडक्ट बनाऊं? कैसा
प्रोडक्ट बनाऊं? कितने का बेचूं? क्या
प्राइस रखूं? किस मार्केट में बेचूं? किस
तरीके से बेचूं? किसको बेचूं? कितना
प्रॉफिट? मत करिए ये सब बात मुझसे।
क्योंकि आज मैं आपको गेम चेंजर देने वाला
हूं। सारे प्रश्नों का उत्तर इस एक वीडियो
में एंड तक देखिएगा। दो पार्ट में
बनाऊंगा। इसको बोलते हैं कंज्यूमर
बिहेवियर। क्या बोलते हैं? कम ऑन।
कंज्यूमर बिहेवियर। प्रोडक्ट पहले मत
डिसाइड करो। प्राइस पहले मत डिसाइड करो।
प्रॉफिट पहले मत डिसाइड करो। पोजीशनिंग
पहले मत डिसाइड करो। कंज्यूमर बिहेवियर
डिसाइड करो। क्या डिसाइड करो? देखो देखो
कंज्यूमर चाहता क्या है? इसका क्या मतलब
है? आज नौ केस स्टडीज दूंगा। एक के बाद एक
पूरे केस स्टडीज देखिएगा। शुरू करते हैं।
अमिताभ बच्चन के पल्स पोलियो कैंपेन से ये
सुपरहिट एग्जांपल इसलिए एक एग्जांपल आपका
इतना आप पूरा नई तरीके से समझ में आएगा
आपको सब कुछ। ध्यान दीजिए। डब्ल्यूho 5
साल तक अमिताभ बच्चन के साथ लगे रहे।
ओगिलवी उनकी एजेंसी क्रिएटिव एजेंसी थी और
अमिताभ बच्चन डब्ल्यूho के साथ लगे हुए। 5
साल लगा दिए लेकिन पोलियो की कोई बूंद
पीने आता ही नहीं था। अट्रली सारे कैंपेन
फेल होते चले गए। मतलब जो सक्सेस चाहिए कम
से कम वो नहीं मिलना मतलब फेल हो गए।
अमिताभ बच्चन बोलते रह गए आइए दो बूंद
जिंदगी की पिलाइए अपने बच्चों को आइए
पिलाइए। पूरे बूथ कैंपेन खाली। तो इनकी
टीम ने अच्छा WHO ने अपना विश्वास नहीं
खत्म किया अमिताभ बच्चन से। WHO ने कहा
नहीं दोबारा ट्राई करो, दोबारा ट्राई करो।
देखो क्या गलती हो रही है। तो फिर गलती
क्या थी? कंज्यूमर के बिहेवियर को जाकर के
ढूंढना। उसका साइकोग्राफिक, उसका
डेमोग्राफिक, उसका एथेनोग्राफिक, उसका
जियोग्राफिक। तो ये लोग टिएर थ्री सिटी और
स्मॉल टाउंस में तालुका, तहसील छोटे-छोटे
शहर गांव-गांव तक पहुंचे जा के देखना शुरू
किया। कंज्यूमर के प्रोफाइल को समझा कि ये
कंज्यूमर आता क्यों नहीं है? अब देखिए
कंज्यूमर में डिसीजन मेकिंग के अंदर बाइंग
रोल्स होते हैं। बाइंग रोल मतलब खरीदने के
अलग-अलग रोल्स होते हैं। एक ही आदमी नहीं
खरीदता हमेशा। उसके पीछे पांच फैक्टर्स
होते हैं। पहला क्या? एक होता है इनिशिएटर
जो शुरुआत करता है अरे भाई लेना चाहिए
जिसके बारे में बात करता है। उसके बाद
होता है इन्फ्लुएंसरर जो कहता है हां
बिल्कुल ठीक है जरूर लेना चाहिए। फिर एक
होता है डिसाइडर तैयार हो गया तय हो गया
डिसाइड कर लिया वो उसके पास सारी पावर है।
और उसके बाद होता है बयर जो जाके फाइनली
दुकान पे खरीदता है और एक होता है
कंज्यूमर जो उसको यूज़ करता है। अब अमिताभ
बच्चन पल्स पोलियो कैंपेन के अंदर जो 2
साल का बच्चा था वो तो था कंज्यूमर
बेचारा। वो बच्चे का तो कोई रोल ही नहीं
है। वो थोड़ी डिसाइड करेगा। लेकिन जो उसकी
गांव के अंदर 2 साल का बच्चा जिसको पोलियो
पिलाना है उसकी मां की उम्र थी 20 साल 22
साल। वो 22 साल की मां जिसके सास और ससुर
50 और 55 साल के हुआ करते थे। और 50 55
साल के सास सससुर वो कहते थे भाई मेरे
बच्चों को पोलियो थोड़ी हुआ है। इसको
क्यों पोलियो पिलाए इसको बूंद पिलाने की
जरूरत नहीं है। पोलियो होएगा तो बूंद
完整字幕可在视频播放器中查看
评论 (0)
登录后评论互动模式
测验
正确答案:
相关视频
New Funny Video😂| Viral Funny Video 2025🤣| New Instagram Funny Video😃| New Comedy Video😁 Part - 2
बारिश बारिश जाओ ना (Rain Rain Go Away) - Hindi Rhymes For Children - ChuChu TV
Tom & Jerry | Try Not to Laugh Challenge | Classic Cartoon Compilation | @WB Kids
Maamla Legal Hai 2 | Date Announcement | Ravi Kishan, Nidhi Bisht, Anant J., Naila G. | Netflix
Varanasi - Cinematic travel film (Sony A7iii)
Dr. Vivek Bindra: Motivational Speaker
测验
正确答案:
观看视频时会出现测验
记忆技巧
来自此视频
免费开始学语言