The video owner has disabled playback on external websites.
This video is no longer available on YouTube.
This video cannot be played right now.
Watch on YouTube
Indira Gandhi's Emergency | Why it happened? | The Real Story | Dhruv Rathee
学習統計
CEFRレベル
難易度
字幕 (429 セグメント)
नमस्कार दोस्तों, साल था 1975, प्राइम
मिनिस्टर इंदिरा गांधी देश भर में
इमरजेंसी डिक्लेअर कर देती हैं और अगले 2
सालों के लिए लोगों के फंडामेंटल राइट्स
को सस्पेंड कर दिया जाता है। ढेरों
अपोजिशन लीडर्स को जेल में डाल दिया जाता
है और इतिहास के इस हिस्से को एक काला
धब्बा माना जाता है इंडियन डेमोक्रेसी पर।
लेकिन एग्जैक्टली क्या रीज़न था इमरजेंसी
डिक्लेअ करने के पीछे? क्यों इसे किया
गया? और क्यों इसे इतना खौफनाक माना जाता
है? आज के इस हिस्ट्री के वीडियो में आइए
इस इवेंट को गहराई से जानने की कोशिश करते
हैं। प्रेसिडेंट हैज़ प्रोक्लेम्ड
इमरजेंसी।
दिस इज नथिंग टू पैनिकिक अबाउट।
[संगीत]
क्रांति है मित्रों और संपूर्ण क्रांति।
लार्जेस्ट पीरियड इन इंडियास हिस्ट्री एक
ऐसा काला दिन काला दिन काला दिन। हमारा
पूरा मकसद इस समय यह है कि स्थिति शांति
और चिरता की।
आपको जानकर शायद हैरानी होगी दोस्तों कि
1975 पहली बार नहीं था कि देश में
इमरजेंसी डिक्लेअर करी गई हो। इससे पहले
1962 की इंडो चाइना वॉर में और 1971 की
इंडिया पाकिस्तान वॉर में भी इमरजेंसी
डिक्लेअ करी गई थी। हालांकि 1975 वाली
इमरजेंसी इन दोनों से काफी अलग थी।
क्योंकि उसके पीछे कोई एक लड़ाई या कोई एक
रीजन नहीं था। बल्कि कई सारी घटनाएं हुई
थी। कई सारे सीक्वेंस ऑफ इवेंट्स थे जिनका
आउटकम ये 1975 की इमरजेंसी निकली थी। तो
ये सीक्वेंस ऑफ इवेंट्स एक्चुअली में 1969
में शुरू होते हैं जब कांग्रेस पार्टी
पावर में थी और फोर्थ फाइव ईयर प्लान को
इंप्लीमेंट किया जा रहा था। 1969 में
कांग्रेस पार्टी डिसाइड करती है कि 14
प्राइवेट बैंक्स को नेशनलाइज किया जाएगा।
इसका मतलब सरकार उन बैंक्स की ओनरशिप ले
लेगी उन प्राइवेट कंपनीज़ से। इमेजिन कीजिए
आप किसी कंपनी के मालिक हैं या फिर किसी
कंपनी में आपने शेयर्स खरीद रखे हैं और कल
को सरकार कहती है कि कल से यह कंपनी सरकार
के हाथों चली गई तो आपके तो सारे पैसे गए
ऑब्वियसली आप खुश नहीं होएंगे इस डिसीजन
से। तो बहुत से बिजनेसमैन जैसे कि जेआरडी
टाटा और इन्वेस्टर्स और शेयर होल्डर्स इस
नेशनलाइजेशन के डिसीजन को अपोज करते हैं।
18 जुलाई 1969 को डिसीजन लिया जाता है
सरकार के द्वारा कि इसे ऑर्डिनेंस के थ्रू
पास किया जाएगा। लेकिन सरकार जल्द ही
रियलाइज करती है कि पार्लियामेंट सेशन 21
जुलाई से शुरू होने वाला है और प्रेसिडेंट
अपने ऑफिस को 20th को छोड़ने वाले हैं। तो
ऑर्डिनेंस को बड़ी जल्दी में बनाया जाता
है और ऑलमोस्ट ओवरनाइट प्रेसिडेंट के
द्वारा इसे साइन कराया जाता है
पार्लियामेंट सेशन से पहले। तो क्लियरली
आप देख सकते हैं इंदिरा गांधी इस पॉलिसी
को कितना इंपॉर्टेंट समझती थी देश के लिए।
इंदिरा गांधी की तरफ से जस्टिफिकेशन यह थी
कि अगर इन बैंक्स को नेशनलाइज़ किया जाएगा
तो यह बैंक्स देश के कोने-कोने तक पहुंच
सकते हैं और देश के गरीब से गरीब नागरिक
को अपनी सर्विसेज प्रोवाइड कर सकते हैं।
जो कि एक फॉर प्रॉफिट कंपनी शायद कभी ना
करे क्योंकि वो अपने प्रॉफिट की सोचती है।
बेसिकली सोशलिज्म वर्सेस कैपिटलिज्म वाली
बात है उन दोनों के जो एडवांटेजेस
डिसएडवांटेजेस होते हैं। लेकिन ऑब्वियसली
जैसा मैंने आपको बताया बैंक्स के शेयर
होल्डर्स तो बिल्कुल भी खुश नहीं होएंगे
ऐसे डिसीजन से। तो उस टाइम पर एक बैंक था
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया। उसके एक शेयर
होल्डर थे आरसी कूपर नाम से। वो सुप्रीम
कोर्ट में चले जाते हैं इस डिसीजन को
लेकर। और सुप्रीम कोर्ट में उन्हें छोटी
सी जीत हासिल होती है। कोर्ट डिक्लेअर
करता है कि ये जो लॉ है सरकार ने बनाया है
ये डिस्क्रिमिनेट करता है इन 14 बैंकों के
खिलाफ जिन्हें नेशनलाइज किया जा रहा है।
और ये शेयरहोल्डर्स के लिए काफी अनफेयर
है। तो सरकार की ऑर्डिनेंस को रिजेक्ट कर
दिया जाता है कोर्ट के द्वारा। और यहां से
शुरू होती है दोस्तों इंदिरा गांधी सरकार
完全な字幕は動画プレーヤーで利用可能
コメント (0)
ログインしてコメントインタラクティブモード
クイズ
正解:
関連動画
बेवकूफ मत बनो ! Waaree 540-Watt Solar Panel Live Testing ! ऐसा सोलर जो छाया में भी बिजली बनाता है
Case Study about PanAM 73, नीरजा की आखरी उड़ान.
Where Loyalty Meets Betrayal | Chutney | Tisca Chopra | Royal Stag Barrel Select Shorts
Most Beautiful Villages of Sikkim | Lachung and Lachen | Gurudongmar Lake | Northeast India
3 Days Group Camping In Most Dangerous Forest | Winter camping In Deep Jungle | Camping Video
Dhruv Rathee
クイズ
正解:
動画を見ながらクイズが表示されます
覚え方のコツ
この動画より
無料で語学を始める