The video owner has disabled playback on external websites.

This video is no longer available on YouTube.

This video cannot be played right now.

Watch on YouTube

ابزارهای یادگیری هوش مصنوعی را باز کنید

ثبت‌نام کنید تا به ابزارهای قدرتمندی دسترسی پیدا کنید که به شما کمک می‌کنند سریع‌تر از هر ویدیو یاد بگیرید.

توضیح صحنه شکارچی عبارات مرور فلش‌کارت تمرین تکرار مکالمه تعاملی
ثبت‌نام رایگان
B1 متوسط هندی 25:26 Educational

How did British Empire take over India? | Fall of Mughal Empire | Dhruv Rathee

Dhruv Rathee · 18,843,360 بازدید · اضافه شده 2 هفته پیش

آمار یادگیری

B1

سطح CEFR

5/10

سختی

زیرنویس‌ها (684 بخش‌ها)

00:00

नमस्कार दोस्तों, साल 1686 ब्रिटिश ईस्ट

00:03

इंडिया कंपनी मुगल एंपायर के खिलाफ जंग

00:06

छेड़ देती है। उस वक्त गद्दी पर बैठे थे

00:08

औरंगजेब और इस जंग को एक बहुत बड़ी

00:10

बेवकूफी बताया जाता है क्योंकि ईस्ट

00:11

इंडिया कंपनी की आर्मी मुगलों की आर्मी के

00:14

कंपैरिजन में बहुत कमजोर थी, छोटी थी। तो

00:16

यह कोई हैरानी की बात नहीं है कि बहुत ही

00:18

आसानी से मुगलों ने ईस्ट इंडिया कंपनी को

00:21

हरा दिया। इंडिया में मौजूद कंपनी की

00:23

फैक्ट्रीज को जब्त कर लिया गया। ढेर सारे

00:25

एआईसी के ऑफिशियल्स को अरेस्ट कर लिया गया

00:27

और जो गवर्नर थे कंपनी के उस वक्त उन्हें

00:29

घुटने टेकने पड़े औरंगजेब के सामने। इसके

00:32

बावजूद भी करीब 300 सालों बाद ईस्ट इंडिया

00:35

कंपनी ने इस एक फॉरेन कंपनी ने पूरे

00:38

इंडियन सबकॉन्टिनेंट पर अपना कब्ज़ा जमा

00:40

लिया। आज जितनी भी बड़ी से बड़ी कंपनीज़

00:42

आपके दिमाग में आती है। Apple, Google,

00:44

Facebook ये ईस्ट इंडिया कंपनी इन सारी

00:47

कंपनी से ज्यादा बड़ी बन गई थी और ज्यादा

00:49

ताकतवर भी। कैसे पॉसिबल हो पाया यह? आइए

00:52

समझने की कोशिश करते हैं आज के इस वीडियो

00:54

में।

00:55

ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी द कंपनी दैट

00:57

रूल्ड इंडिया इन अ लार्ज पार्ट ऑफ द

00:59

इंडियन सबक्टिनेंट [संगीत]

01:00

डिस्ट्रूटिंग

01:02

एक्सपोशन

01:04

ब्रिटिश वाल्टीशनल

01:10

सेट टू ट्रेड्स

01:13

टू टेक लैंड टू वेट वॉर [संगीत]

01:17

पीस

01:21

हमारी कहानी की शुरुआत होती है दोस्तों

01:23

साल 1600 में जब ईस्ट इंडिया कंपनी की

01:26

स्थापना करी जाती है कुछ मर्चेंट्स के

01:28

द्वारा। यह एक जॉइंट स्टॉक कंपनी थी यानी

01:30

इसका बिजनेस शेयर होल्डर्स के द्वारा ओन

01:32

किया जाता था और शुरुआत में इसके सिर्फ

01:35

125 शेयर होल्डर्स थे। इन्होंने साथ में

01:37

मिलकर 70000 पाउंड्स रेज की एस कैपिटल। इस

01:40

कंपनी को बनाने के पीछे मकसद था मसालों की

01:43

ट्रेडिंग करना। स्पाइसेस में ट्रेडिंग

01:44

करना साउथ ईस्ट एशिया के स्पाइस आइलैंड्स

01:48

में जाकर। अगले साल 1601 में ईस्ट इंडिया

01:50

कंपनी अपने पहले सफर पर निकलती है और

01:52

इंडोनेशिया में जाकर दो फैक्ट्रीज सेटअप

01:55

करती है। उस जमाने में इंडोनेशिया के इन

01:57

आइलैंड्स पर ऑलरेडी स्पेनिश और पोर्चुगीज़

01:59

ट्रेडर्स काम करने लग रहे थे। साथ ही साथ

02:02

डच ट्रेडर्स ने भी रिसेंटली उसी रीजन में

02:05

ट्रेडिंग शुरू करी थी। यह डच कंपनी

02:06

इंग्लिश कंपनी के कंपैरिजन में ज्यादा

02:08

प्रॉफिटेबल निकलती है। इनके पास ज्यादा

02:10

पैसा होता है और बेहतर आर्मी भी होती है।

02:12

समय के साथ-साथ यह उस एरिया में डोमिनेंट

02:15

पावर बन जाते हैं और ब्रिटिश ईस्ट इंडिया

02:17

कंपनी रियलाइज करती है कि हमें अपना धंधा

02:19

कहीं और करना पड़ेगा। इन डच लोगों ने

02:21

हमारे लिए कोई जगह नहीं छोड़ी।

02:22

कॉन्फ्लिक्ट अवॉइड करने के लिए यह और

02:24

जगहें ढूंढते हैं और इनकी नजर इंडिया पर

02:26

पड़ती है। इंडिया में भी बहुत से स्पाइसेस

02:28

और टेक्सटाइल्स थी। तो साल 1608 में इआईसी

02:31

के मर्चेंट्स इंडिया पहुंचते हैं और लैंड

02:33

करते हैं आज के दिन के गुजरात में सूरत

02:36

शहर पर। देश पर मुगलों का राज था और

02:38

मुगलों की जो आर्मी थी 4 मिलियन आर्म्ड

02:41

लोगों की आर्मी थी। बहुत ही ताकतवर थी।

02:43

कंपनी के ऑफिशियल्स जानते थे कि इनसे

02:44

लड़ने का कोई फायदा नहीं है यहां पर।

02:46

दोस्ती बनाने की कोशिश करते हैं ताकि ये

02:48

लोग हमें यहां पर ट्रेडिंग करने दें। जो

02:50

भी यहां पर लोकल महाराजा शहंशाह मौजूद है

02:52

उसे थोड़ा अपीस करने की कोशिश करते हैं।

02:54

तो उस जहाज के जो कैप्टन थे कैप्टन विलियम

02:57

हॉकिंस वो जहाज से उतरते हैं और एक बड़ा

02:59

लंबा सफर तय करते हैं आगरा तक जो कि

03:02

मुगलों की कैपिटल थी उस वक्त। वहां

03:04

पहुंचकर वो मिलते हैं मुगल एपरर जहांगीर

03:07

से। बात करने की कोशिश करते हैं कि प्लीज

03:09

हमें परमिशन दे दो फैक्ट्री सेटअप करने

03:11

की। हम भी ट्रेडिंग करना चाहते हैं सूरत

03:12

में। लेकिन जहांगीर इस परमिशन को देने से

03:15

मना कर देते हैं। इसके पीछे एक सिंपल रीजन

03:17

यह था कि सूरत में उस वक्त पोर्चुगीज़

03:19

ट्रेडर्स मौजूद थे और पोर्चुगीज़ ट्रेडर्स

03:21

के अच्छे रिलेशंस थे मुगलों के साथ। तो

03:23

कोई रीज़न नहीं था जहांगीर के लिए उनके

03:25

कॉम्पिटिट इंग्लिश ब्रिटिश लोगों को जगह

03:28

दे यहां पर। तो ईआईसी के ऑफिशियल सोचते

03:30

हैं कि मुगल टेरिटरी में हमें जगह नहीं

03:32

मिल पाई। तो इंडिया के किसी और हिस्से में

03:33

जाकर कोशिश करते हैं जहां पर इनकी टेरिटरी

03:36

नहीं हो। जहां पर किसी और राजा का शासन

03:38

हो। साल 161 में इनकी ये कोशिश सक्सेसफुल

03:41

प्रूव होती है जब आंध्र प्रदेश के

03:43

मछलीपट्टनम में अपनी ये पहली फैक्ट्री

03:46

खड़ी करते हैं। वहां के जो लोकल राजा थे

03:48

उन्होंने परमिशन दे दी थी। अगले कुछ सालों

03:50

में ईस्ट इंडिया कंपनी और फैक्ट्रीज

03:52

एस्टैब्लिश करती है और अपनी पकड़ मजबूत

03:54

बनाने की कोशिश करती है इंडियन सबक्टिनेंट

03:56

पर। ऐसा करते वक्त कॉन्स्टेंटली

03:58

कॉन्फ्लिक्ट की ये सिचुएशन में आ जाते हैं

03:59

बाकी और यूरोपियन ट्रेडर्स के साथ। साल

04:01

1612 में यह वापस सूरत जाते हैं और वहां

04:04

पर पोर्चुगीज़ के खिलाफ जंग छेड़ देते हैं।

04:06

बैटल ऑफ स्वाली इसे कहा जाता है और

04:08

पोर्चुगीज़ लोग हार जाते हैं। इसके बाद से

04:10

पोर्चुगीज़ का जो इन्फ्लुएंस होता है वो

04:12

बहुत घट जाता है और मोस्टली गोवा के आसपास

04:15

तक रिस्ट्रिक्ट रह जाता है। ईस्ट इंडिया

04:17

कंपनी सबसे बड़ी खिलाड़ी बन जाती है इंडियन

04:19

सबक्टिनेंट की। इस जीत के कुछ ही टाइम बाद

04:22

साल 1615 में ईस्ट इंडिया कंपनी रिक्वेस्ट

04:25

करती है इंग्लिश किंग जेम्स वन को कि इस

04:27

बारी वह अपनी तरफ से एक रॉयल

04:29

रिप्रेजेंटेटिव भेजें मुगल राजा को। अगर

04:31

वो कोशिश करेंगे तो शायद इस बारी यह मुगल

04:34

शहंशाह मान जाएंगे। तो इंग्लिश क्राउन की

04:36

तरफ से सर थॉमस रो को भेजा जाता है जो कि

04:38

एक डिप्लोमेट होते हैं। यह वो कर दिखाते

04:40

हैं जो हॉकिंस नहीं कर पाए थे। जहांगीर से

04:43

जब यह मिलते हैं तो उनको कई बड़े-बड़े

04:45

शानदार तोहफे देते हैं और जहांगीर उन

04:47

तोहफों को देखकर इंप्रेस हो जाते हैं और

04:49

इसीलिए जहांगीर एक शाही फरमान इशू करते

04:51

हैं। एक रॉयल ऑर्डर जो कहता है कि इंग्लिश

04:54

लोगों को अब परमिशन दी जाती है कि सूरत

04:57

में अपनी वो फैक्ट्रीज बना सकें। इतना ही

04:59

नहीं कुछ एक्सक्लूसिव राइट्स भी दे दिए

05:01

जाते हैं ईस्ट इंडिया कंपनी को कि कुछ-कुछ

05:03

टेरिटरीज में सिर्फ ईस्ट इंडिया कंपनी ही

05:05

ट्रेडिंग कर सकती है और इसके बदले एक

05:07

एनुअल पेमेंट उन्हें देनी पड़ेगी मुगल

05:09

शहंशाह को। इसके बाद ईस्ट इंडिया कंपनी की

زیرنویس کامل در پخش‌کننده ویدیو موجود است

با تمرین‌ها یاد بگیرید

تمرین‌های واژگان، گرامر و درک مطلب از این ویدیو بسازید

واژگان و گرامر آزمون درک مطلب آزمون IELTS تمرین نوشتاری
ثبت‌نام برای تمرین
هنوز نظری وجود ندارد. اولین نفری باشید که افکار خود را به اشتراک می‌گذارد!

ثبت‌نام کن و همه امکانات رو باز کن

پیشرفتت رو دنبال کن، واژگان رو ذخیره کن و تمرین کن

شروع رایگان یادگیری زبان